पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला गुरुवार को आ सकता है। हिंसा की निष्पक्ष जांच को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई हैं। हाईकोर्ट ने हिंसा की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से कराई थी।
बुधवार को जारी हाईकोर्ट की गुरुवार की केस सूची के अनुसार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ मामले में फैसला सुनाएगी। पीठ ने राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए एनएचआरसी के चेयरमैन को एक कमेटी बनाकर जांच कराने का आदेश दिया था।
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार को दोषी माना है। उसने अपनी सिफारिशों में कहा है कि दुष्कर्म व हत्या जैसे मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाए और इन मामलों की सुनवाई बंगाल के बाहर हो। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अन्य मामलों की जांच भी कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल से कराई जाना चाहिए। संबंधितों पर मुकदमे के लिए फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाई जाए, विशेष लोक अभियोजक तैनात किए जाएं और गवाहों को सुरक्षा मिले।
बता दें, मामले की सुनवाई 3 अगस्त को पूरी हो गई थी और पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।