सचिन वाजे की याचिका पर सुनवाई से बॉम्बे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खुद को अलग किया
बॉम्बे हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे की रिहाई याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर दिया। सचिन वाजे ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े सीबीआई के भ्रष्टाचार मामले में जमानत की मांग की थी। न्यायाधीश भारती डांगरे और मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने इस महीने की शुरुआत में याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि वह पहले अंतरिम जमानत को लेकर आदेश देगी। इसके बाद याचिका पर अंतिम सुनवाई करेगी। मंगलवार को जस्टिस डांगरे ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जस्टिस डांगरे ने कहा कि मुझे तब अहसास नहीं हुआ कि इस मामले में अनिल देशमुख भी शामिल हैं। मैं इससे संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर सकता। याचिका को अब दूसरी खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए रखा जाएगा।
न्यायिक हिरासत में चल रहे सचिन वाजे ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह मामले में एक सरकारी गवाह हैं। इसके बाद भी उन्हें जेल में रखना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सीबीआई ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वाजे ने अभी तक मामले में गवाही नहीं दी है और उन्हें जमानत पर रिहा करना मामले के हित में नहीं होगा। पूर्व पुलिसकर्मी को जून 2022 में विशेष सीबीआई अदालत ने सरकारी गवाह घोषित किया था।