फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

H1B Visa: 'एच1बी वीजा अब बीती बात', केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कही बड़ी बात

Sun, 20 Oct 2024 12:13 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका में सीईओ के साथ बैठक में केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों, भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने, खासकर फार्मास्यूटिकल और हीरा सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर चर्चा की। 
विज्ञापन
पीयूष गोयल - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-अमेरिका संबंधों में अब एच1बी वीजा की चर्चा बीते दिनों की बात हो गई है। नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में एक बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि अब भारत अमेरिका के बीच संबंधों का फोकस आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी है। पीयूष गोयल हाल ही में अमेरिका के दौरे से लौटे हैं। अपने दो दिवसीय अमेरिका दौरे में पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में विभिन्न कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक की। 
विज्ञापन


अमेरिका में विभिन्न कंपनियों के सीईओ से मिले पीयूष गोयल
अमेरिका में सीईओ के साथ बैठक में केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों, भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने, खासकर फार्मास्यूटिकल और हीरा सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत में हीरा उद्योग के लिए सूरत एक प्रमुख केंद्र है। ऐसे में सूरत में विदेशी निवेश पर भी चर्चा हुई। अमेरिका दौरे पर पीयूष गोयल ने वहां के करीब 30 बिजनेस लीडर्स से मुलाकात की। पीयूष गोयल अमेरिका दौरे पर वॉशिंगटन भी गए और वहां सीईओ फोरम के 17 सीईओ के साथ बैठक की। इस बैठक में फोरम के पुनर्गठन पर चर्चा हुई। पीयूष गोयल के अमेरिका दौरे पर विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर हुए। 

इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
पीयूष गोयल ने अमेरिका दौरे पर लघु और मध्यम आकार के उद्यमों के साथ ही थिंक टैंक, शिक्षकों और सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के साथ भी बैठकें की। गोयल ने बताया कि उनकी बैठकों में नकारात्मक एजेंडा नहीं था और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर बात हुई। दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, डिजिटल दूरसंचार और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित साझेदारी की भी चर्चा हुई। भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच एक स्थिर विनिमय दर निर्धारित करने के बारे में भी बातचीत हुई, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को लाभ हो सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें