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CBI: रिश्वत मामले में सीबीआई का एक्शन, गुंतकल मंडल रेलवे प्रबंधक और पांच अधिकारियों को किया गिरफ्तार

Sat, 06 Jul 2024 10:35 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

सीबीआई ने रेलवे टेंडर में अनियमितता करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने दक्षिण मध्य रेलवे के एक मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) और पांच अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर टेंडर के बदले 11 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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रेलवे टेंडर जारी करने में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। टेंडर में अनियमितता के मामले में गुंतकल मंडल के डीआरएम विनीत सिंह के अलावा, जांच एजेंसी ने वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक (डीएफएम) कुंडा प्रदीप बाबू, वरिष्ठ मंडल अभियंता (डीईएन) समन्वय यू अक्की रेड्डी, कार्यालय अधीक्षक एम बालाजी और लेखा सहायक डी लक्ष्मी पाथी राजू को गिरफ्तार किया है।
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सात जगहों पर सीबीआई ने की थी छापेमारी
वहीं इस मामले में सीबीआई की तरफ से बेंगलुरू में मौजूद कंपनी सी. एन. आर. प्रोजेक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुप्पम रमेशकुमार रेड्डी और हैदराबाद के रहने वाले बिचौलिए एन. रहमतुल्ला को भी हिरासत में लिया है। बता दें कि सीबीआई ने जांच के लिए गुंतकल, अनंतपुर, नेल्लोर, तिरुपति, हैदराबाद, सिकंदराबाद और बेंगलुरु में तलाशी ली, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद हुए, फिलहाल मामले में अभी भी जांच जारी है।

सीबीआई में मामले में 13 लोगों पर दर्ज किए FIR
जांच एजेंसी ने इस मामले में पांच सरकारी अधिकारियों समेत 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। रेलवे के अधिकारियों पर घूस लेकर कुछ निजी कंपनियों को रेलवे के ठेके देने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी कई टेंडर देने, अन्य कामों के बदले और बिलों के जल्द प्रोसेस करने में कथित रूप से अनुचित लाभ लिया था। सीबीआई के प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया गया है कि गुंतकल मंडल रेलवे के अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इन ठेकेदारों की न सिर्फ ठेके लेने में, बल्कि उसके बाद हुए काम के बिल पास करने में भी अनुचित मदद की और इससे सरकारी खजाने को गलत नुकसान हुआ।
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लोकसभा चुनाव के बाद लेने वाले थे 10-10 लाख
उन्होंने कहा कि यह भी आरोप लगाया गया है कि डीआरएम विनीत सिंह ने सोने के आभूषणों के रूप में कुल टेंडर राशि के 0.5 प्रतिशत की दर से अवैध रिश्वत मांगी, उन्होंने कहा कि तत्कालीन वरिष्ठ डीईएन समन्वय ने कथित रूप से 20 लाख रुपये की मांग की। आरोपी निजी व्यक्ति ने लोकसभा चुनाव के बाद गुंतकल डिवीजन के वरिष्ठ डीएफएम और अतिरिक्त डीआरएम को 10-10 लाख रुपये देने की योजना बनाई थी। वहीं एफआईआर में कहा गया है कि कुप्पम रमेशकुमार रेड्डी ने कथित तौर पर एम. भीमा शंकर से कहा था, जो बेंगलुरु की एक अन्य कंपनी एमवीवी सत्यनारायण का प्रतिनिधित्व करते थे, कि वे डीईएन यू अक्की रेड्डी को कम से कम 10 लाख रुपये दें, जो कथित तौर पर उनके काम में बाधा डालने की धमकी दे रहे थे। यह भी आरोप लगाया गया था कि गिरफ्तार अकाउंट असिस्टेंट राजू ने कुप्पम रमेशकुमार रेड्डी से टेंडर के लिए कुंडा प्रदीप बाबू को तत्काल रिश्वत देने के लिए कहा था। 

सीबीआई ने 11 लाख रुपये और गहने किए बरामद
इस मामले में सीबीआई ने जाल बिछाया और सीनियर डीएफएम को 10 लाख रुपये और कार्यालय अधीक्षक और एक अन्य अकाउंट असिस्टेंट को 50-50 हजार रुपये दिए गए। दक्षिण मध्य रेलवे, गुंटकल डिवीजन के उक्त डीआरएम के आवास पर तलाशी अभियान के दौरान रिश्वत के रूप में लिए गए आभूषण बरामद किए गए।
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