गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने शुक्रवार को सूरत में एक कार्यक्रम कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने से पहले देश में बेरोजगारी व भ्रष्टाचार था। इसकी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। अपनी सरकार के पांच साल पूरे होने के मौके पर मनाए जा रहे नौ दिनी 'रोजगार दिवस' अभियान में रुपानी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पांच साल में दो लाख लोगों को रोजगार दिया।
रोजगार दिवस अभियान के दौरान गुजरात में 62 हजार लोगों को नौकरी के नियुक्ति पद दिए गए हैं। सूरत में आयोजित कार्यक्रम में रुपानी ने कहा कि 1995 में भाजपा के राज्य में सत्ता में आने से पूर्व सरकारी नौकरियों में भर्ती पर रोक लगी हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार बनने के बाद ही राज्य में दो लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही निजी क्षेत्र में 17 लाख लोगों की भर्ती हुई। बीते पांच सालों में 2085 रोजगार मेले आयोजित किए गए।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी व भ्रष्टाचार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी, क्योंकि उसके पास इसे खत्म करने की कोई नीति या योजना नहीं थी। लोग पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू से कहा करते थे कि वे 'आराम हराम हैं' जैसे नारे लगाना बंद करें, यदि उनकी सरकार नौकरियां नहीं दे सकती हैं।
रुपानी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने देश से गरीबी खत्म करने व रोजगार मुहैया कराने के कदम उठाए। कौशल विकास की पहल की, ताकि लोग नौकरियां देने वाले बनें न कि मांगने वाले। गुजरात सरकार ने नौ दिनों में 50 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आज पूरे राज्य में 62 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं।
युवा अब भी बेरोजगार : कांग्रेस
कांग्रेस द्वारा राज्य में इसी तरह के रोजगार कार्यक्रम आयोजित करने और राज्य के युवाओं के अब भी बेरोजगार होने के दावे पर रुपानी ने कहा कि युवा नहीं कांग्रेस के नेता बेरोजगार हैं। उनकी दुकानें बंद हो गई हैं। कांग्रेस के 50 साल के शासनकाल में बेरोजगारी चरम पर थी।
अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव
बता दें, विजय रुपानी को 7 अगस्त 2016 को आनंदी बेन पटेल की जगह गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में वह राजकोट विधानसभा सीट से फिर चुने गए। 22 दिसंबर 2017 को वे फिर सीएम बने। गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।