गुजरात के हाथों परियोजनाएं गंवाने को लेकर हो रही आलोचना के बीच इंडिया ग्लोबल फोरम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी राज्य पाकिस्तान नहीं है। कुछ परियोजनाओं का दूसरे राज्यों में जाना स्वाभाविक है।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम प्रतिस्पर्धी संघवाद के युग में हैं और निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले राज्यों की संख्या पहले के 2-3 से बढ़कर अब 10 हो गई है, जो एक स्वागतयोग्य कदम है। कोई कंपनी गुजरात, कर्नाटक या दिल्ली जा रही है, यह पाकिस्तान नहीं है, यह हमारा देश है।
वहीं अपने संबोधन में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम वास्तव में चाहता है कि हर कोई राज्य में आए और व्यापार करने में आसानी और व्यापार करने की लागत दोनों पर काम कर रहा है। विपक्ष ने सेमीकंडक्टर जैसी मेगा निवेश परियोजनाओं को पड़ोसी राज्य गुजरात के हाथों चलते जाने पर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है। फडणवीस ने कहा कि राज्य ने आर्थिक सफलता हासिल करने के लिए टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व में एक पैनल का गठन किया है और 2030 तक जीएसडीपी को एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का विश्वास जताया।
उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र स्टार्ट अप राजधानी है क्योंकि यह ऐसे उद्यमों की कुल संख्या का पांचवां हिस्सा है और यह भी कहा कि एक बिलियन अमरीकी डालर से अधिक मूल्य के 25 यूनिकॉर्न का मुख्यालय राज्य में है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अकेले 2014-19 के दौरान जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की परियोजनाएं शुरू की गई थी।