विधायक को धमकाने के आरोप में प्रवीण चंद्र को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। 24 जून को जारी एक आदेश में एसडीएम ने उसे महिसागर, छोटा उदयपुर, वडोदरा शहर और देहात, खेड़ा, आनंद और पंचमहल से दो वर्षों के लिए जिला बदर कर दिया।
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को एक एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई। दरअसल एक व्यक्ति ने अपने विधायक को विकास कार्य न कराने पर फटकारा था। विधायक की शिकायत पर स्थानीय एसडीएम ने उस व्यक्ति का सात जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया।
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यह मामला गुजरात के आनंद जिले में गोधरा तालुक के बावड़ा गांव के प्रवीण चंद्र का है, जिन्होंने स्थानीय विधायक केसी राउलजी को गांव के विकास कार्य की ओर ध्यान न देने पर फटकारा। दोबारा गांव में न घुसने देने की चेतावनी भी दी। चार बार के विधायक राउलजी के पुत्र मालवदीप सिंह ने 14 जून को गोधरा के एसडीएम से शिकायत की।
विधायक को धमकाने के आरोप में प्रवीण चंद्र को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। 24 जून को जारी एक आदेश में एसडीएम ने उसे महिसागर, छोटा उदयपुर, वडोदरा शहर और देहात, खेड़ा, आनंद और पंचमहल से दो वर्षों के लिए जिला बदर कर दिया।
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प्रवीण चंद्र ने एसडीएम के आदेश के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में अपील की। इस याचिका पर हाईकोर्ट के जज जस्टिस परेश उपाध्याय ने एसडीएम और विधायक दोनों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, भारत में कोई राजशाही नहीं है। यहां लोकतंत्र है। लोगों को चुने हुए प्रतिनिधियों से सवाल पूछने के अधिकार हैं। यदि सवाल पूछने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा तो जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार कौन ठहराएगा।