पाटीदार आंदोलन की आंच में झुलस रही गुजरात की आनंदीबेन सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य में सामान्य वर्ग में आने वाली जातियों को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की घोषणा कर दी है। सरकार ने छह लाख से कम सालाना आय वाले आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को दस फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की है।
राज्य के श्रम एवं रोजगार मंत्री विजय रूपानी ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग के पिछड़े लोगों को भी आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
जिन परिवारों की आय मासिक 50 हजार और सालाना छह लाख से कम कम बैठती है उन्हें आर्थिक आधार पर दस फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। रूपानी ने स्पष्ट किया कि उच्च जातियों को दिया जाने वाला यह आरक्षण ओबीसी और एससी/एसटी को दिए जाने वाले आरक्षण से अतिरिक्त है।