गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक कारोबारी के दस्तावेज की मंजूरी से जुड़े 3.5 लाख रुपए के रिश्वत मामले में राजकोट से बुधवार को राज्य के दो जीएसटी अधिकारियों और एक बिचौलिये को गिरफ्तार किया।
राजकोट के कारोबारी ने हाल ही में एसीबी से संपर्क किया और आरोप लगाया कि राज्य के कर अधिकारी (श्रेणी-2) विक्रम कनारा और कर अधिकारी (श्रेणी-3) अजय मेहता ने माल की आपूर्ति करने बामनबोर जार रहे उसके दो ट्रकों को दस्तावेज की जांच के लिए रोका।
एसीबी के अनुसार कारोबारी और उनके सहयोगी की ओर से सामान का मूल बिल दिखाए जाने के बावजूद कर अधिकारियों ने ट्रक को जब्त करने की चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि ई वे बिल और माल का चालान दोनों फर्जी हैं।
एजेंसी के मुताबिक दोनों ने बिचौलिये मनसुख हिरपारा के माध्यम से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में आरोपी चार लाख रुपये रिश्वत पर तैयार हो गए और ट्रकों को जाने दिया। पहली किश्त के तौर पर शिकायतकर्ता से 50,000 रुपए लिए। बाद में दबाव बनाए जाने पर कारोबारी ने राजकोट में एसीबी कार्यालय से संपर्क किया। बाद में हिरपारा को कथित तौर 3.5 लाख रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।