2001 से 2012 तक रेल हादसे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारतीय रेलवे ने बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा को लेकर कई तरह के उपायों को लागू किया है। इस वजह से रेलवे परिचालन के दौरान सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। खासतौर पर नए उपायों की वजह से दुर्घटना के मामलों में हर वर्ष कमी आई है।
2012 से 2024 तक रेल हादसे
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ये सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में रेल हादसों में बीते दो दशकों में उल्लेखनीय तौर पर कमी आई है। जहां वर्ष 2000-01 में 473 ट्रेन हादसे हुए, वहीं 2022-23 में ये हादसे घटकर 40 की संख्या पर आ गए। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि 2004 से 2014 के दशक के दौरान प्रति वर्ष औसतन 171 रेल हादसे हुए। वहीं, 2014 से 2024 के दशक में प्रतिवर्ष औसतन रेल हादसों की संख्या घटकर 68 हो गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते पांच वर्षों में राष्ट्रीय रेल सुरक्षा के नाम पर कुल 108742.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2017-18 में 17259.53 करोड़, 2018-19 में 19595.63 करोड़, 2019-20 में 16799.61 करोड़, 2020-21 में 27713.31 करोड़, और वर्ष 2021-22 में 27374.49 करोड़ रुपये खर्च किए गए।