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Budget Session: 'नियमों के तहत सरकार चर्चा करने के लिए तैयार', बजट सत्र से पहले बोले अर्जुन राम मेघवाल

Thu, 25 Jan 2024 09:07 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगीं। अंतरिम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। जिसके बाद अंतरिम बजट पर चर्चा होगी।
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अर्जुन राम मेघवाल - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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बजट सत्र से पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को कहा कि सरकार नियमों के मुताबिक सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र वर्तमान लोकसभा का आखिरी सत्र होगा। यह सत्र 31 जनवी से 9 फरवरी तक चलेगा। 
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हर मुद्दे पर हम चर्चा के लिए तैयार- मेघवाल
विपक्ष का आरोप है कि सरकार सदन में जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं करती है। इस पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि हम हर मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं। राज्यसभा नियमों के तहत पैसला लेती है, तब चर्चाएं की जाती हैं। मेघवाल ने कहा कि हम विपक्ष से अपील करते हैं कि वह चर्चा के लिए स्पीकर और सभापति को नोटिस दें, सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। सत्र को लेकर जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह एक छोटा सत्र होगा। 

एक फरवरी को पेश होगा अंतरिम बजट- मेघवाल
संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगीं। अंतरिम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। जिसके बाद अंतरिम बजट पर चर्चा होगी। उन्होंन कहा कि हर दल को चर्चा में भाग लेना चाहिए।  
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'स्पीकर की बातों को विपक्षी सांसदों ने किया था अनदेखा'
विपक्षी सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर मेघवाल ने कहा कि सभी दल ने इस बात पर सहमति जताई थी कि सदन में तख्तियां नहीं लाई जाएंगी। आश्वासन के बाद भी विपक्षी दलों ने इसका उल्लंघन किया। सदन में तख्तियां दिखाई गई थी। लोकसभा स्पीकर ने उन्हें चेतावनी दी थी, बावजूद उसके वे अपनी जिद्द पर अड़े रहे। यहां तक कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर की बात को नजरअंदाज कर दिया। जिसके बाद स्पीकर को कठोर फैसला लेना पड़ा था। 
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