केंद्र सरकार ने मंगलवार को नए नियम अधिसूचित किए हैं जिनके तहत कुछ श्रेणियों की महिलाओं के लिए गर्भपात की ऊपरी सीमा 20 से बढ़ाकर 24 सप्ताह कर दी गई है। गर्भावस्था की चिकित्सकीय समाप्ति (संशोधन) नियम, 2021 के अनुसार इन श्रेणियों में यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म या अनाचार पीड़िताएं, नाबालिग, ऐसी महिलाएं जिनकी वैवाहिक स्थिति में गर्भावस्था के दौरान बदलाव हुआ है और शारीरिक रूप से अक्षम महिलाएं शामिल हैं।
नए नियमों में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में जहां भ्रूण में विकृति के चलते जान जाने का पर्याप्त जोखिम है या यदि बच्चा पैदा होता है तो उसके शारीरिक या मानसिक असामान्यताओं से पीड़ित होने का जोखिम हो तो इन मामलों में भी नए नियम लागू होंगे। ये नियम मार्च में संसद से पारित हुए गर्भावस्था की चिकित्सकीय समाप्ति (संशोधन) अधिनियम 2021 के तह आते हैं।
इससे पहले अगर 12 सप्ताह के अंदर गर्भपात कराने के लिए एक डॉक्टर की राय और 12 से 20 सप्ताह के बीच कराने के लिए दो डॉक्टरों की राय की जरूरत होती थी।