दक्षिणी रेलवे (SR) के प्रवक्ता ने बताया कि तीर्थयात्रियों के साथ-साथ तमिलनाडु के रामनाथपुरम और कराईकुडी के लोगों की भी मांग थी कि इन स्थानों पर भी ट्रेन का स्टॉपेज हो। अधिकारी ने कहा कि दक्षिणी रेलवे ने ट्रायल के तौर पर इन दो स्टेशनों पर श्रद्धा सेतु सुपरफास्ट एक्सप्रेस को ठहराव प्रदान करने का निर्णय लिया है।
रेल से सफर करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेलवे ने बुधवार को सूचना दी कि साप्ताहिक ट्रेन श्रद्धा सेतु एक्सप्रेस अब 20 सितंबर से तमिलनाडु के रामनाथपुरम और कराईकुड़ी स्टेशन पर भी रुकेगी। इस ट्रेन का संचालन तमिलनाडु के मंडपम और उत्तर प्रदेश के अयोध्या कैंट के बीच होता है। श्रद्धा सेतु एक्सप्रेस को 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाई गई थी। यह गाड़ी भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों को जोड़ती है।
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दक्षिणी रेलवे (SR) के प्रवक्ता ने बताया कि तीर्थयात्रियों के साथ-साथ तमिलनाडु के रामनाथपुरम और कराईकुडी के लोगों की भी मांग थी कि इन स्थानों पर भी ट्रेन का स्टॉपेज हो। अधिकारी ने कहा कि दक्षिणी रेलवे ने ट्रायल के तौर पर इन दो स्टेशनों पर श्रद्धा सेतु सुपरफास्ट एक्सप्रेस को ठहराव प्रदान करने का निर्णय लिया है।
शेड्यूल के मुताबिक, एक्सप्रेस ट्रेन तमिलनाडु के रामेश्वरम और उत्तर प्रदेश के अयोध्या कैंट के बीच चलनी चाहिए, लेकिन फरवरी से यह मंडपम से संचालित हो रही है, क्योंकि पम्बन पुल, जो भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम द्वीप से जोड़ता है, बंद कर दिया गया था। प्रवक्ता ने बताया कि पुराना पंबन पुल बंद कर दिया गया है और एक नया पुल बनाया जा रहा है, जिसकी लंबाई 2.078 किमी है।
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रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने फरवरी 2020 में पुल का निर्माण शुरू किया था। उसे दिसंबर 2021 तक इसे पूरा करना था, लेकिन कोविड के कारण पुल का निर्माण पूरा होने में देरी हो गई। हालांकि, अब हम उम्मीद कर रहे हैं कि अक्तूबर के अंत तक पुल तैयार होगा और चालू भी हो जाएगा।