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Goa Elections: गोवा में पाला बदलने का सिलसिला तेज, जीएफपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने थामा टीएमसी का दामन

Sat, 20 Nov 2021 05:49 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, पणजी

सार

किरण कंडोलकर अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एल्डोना सीट से जीएफपी उम्मीदवार घोषित किया गया था।
 
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टीएमसी में शामिल हुए किरण कंडोलकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गोवा में सियासी हलचल चरम पर है नेताओं के पाल बदलने का सिलसिला तेज हो गया है। प. बंगाल में मिली प्रचंड जीत के बाद ममता बनर्जी ने गोवा का रुख किया है और कई दलों के नेता टीएमसी का दामन थाम रहे हैं। 

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कांग्रेस से संभावित गठजोड़ का था अंदेशा
शनिवार को गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के कार्यकारी अध्यक्ष किरण कंडोलकर ने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन के विरोध में शनिवार को पार्टी छोड़ दी और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा और टीएमसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लुइजिन्हो फलेरियो ने टीएमसी में कंडोलकर का स्वागत किया।

2020 में जीएफपी में हुए थे शामिल 
भाजपा के पूर्व विधायक कंडोलकर 2020 में जीएफपी में शामिल हुए थे। उन्हें अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एल्डोना सीट से जीएफपी उम्मीदवार घोषित किया गया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने वहां प्रचार करना शुरू कर दिया है। मुझे लगता है कि कांग्रेस अंतिम समय में विजय सरदेसाई के नेतृत्व वाली पार्टी को छोड़ देगी। मुझे लगता है कि कांग्रेस और आप जैसी पार्टियां भाजपा को हराने के लिए गंभीर नहीं हैं। 
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कहा- ममता ही भाजपा को हराने में सक्षम
कंडोलकर ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी केवल अगले साल के चुनावों में भाजपा को हराने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी या अरविंद केजरीवाल नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकते। लेकिन ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में दिखा दिया है कि वह मुकाबला कर सकती हैं और भाजपा को करारी शिकस्त दे सकती हैं। 

2017 के गोवा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 40 सदस्यीय सदन में सबसे अधिक 17 सीटें जीती थीं और भाजपा 13 पर समिट गई थी। हालांकि, भाजपा ने क्षेत्रीय दलों जीएफपी और एमजीपी के साथ गठबंधन करके दिवंगत मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। 

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