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गोवा: भाजपा को हैट्रिक बनाने में निर्दलीय होंगे मददगार, ममता और केजरीवाल ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल

सार

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत अपनी पारंपरिक सांखली सीट से चुनाव जीत गए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह जीत मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण थी। क्योंकि मैं पूरे राज्य में प्रचार कर रहा था। इसलिए अपने निर्वाचन क्षेत्र तक नहीं पहुंच सका था। मेरे कार्यकर्ताओं ने मेरे लिए प्रचार किया था।
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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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विस्तार
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गोवा विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। सत्ताधारी भाजपा हैट्रिक लगाने की तरफ बढ़ रही है। 2012 और 2017 के बाद 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को जीत की हैट्रिक लगाने के लिए निर्दलीय विधायकों का सहारा लेना पड़ सकता है। इस बीच खबर यह है कि पार्टी आज ही राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 21 है। ऐसे में पार्टी निर्दलीय विधायक और छोटे दलों की मदद से आसानी से सरकार बनने की स्थिति में आ जाएंगी।

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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत अपनी पारंपरिक सांखली सीट से चुनाव जीत गए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह जीत मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण थी। क्योंकि मैं पूरे राज्य में प्रचार कर रहा था। इसलिए अपने निर्वाचन क्षेत्र तक नहीं पहुंच सका था। मेरे कार्यकर्ताओं ने मेरे लिए प्रचार किया था। मैं कम अंतर से जीता हूं। राज्य में फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। फिलहाल 20 सीटों पर जीत की पुष्टि हो गई है। जबकि 3 निर्दलीय विधायकों ने हमे समर्थन देने की बात की है।  

टीएमसी और आप ने कांग्रेस के वोट बैंक में की सेंधमारी
अमर उजाला से चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई कहते है कि गोवा विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा के खिलाफ ममता बनर्जी की टीएमसी और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी पूरी ताकत झोंक दी थी। इसके अलावा कांग्रेस के साथ गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी पहले ही भाजपा के खिलाफ मैदान में डटी हुई थी। लेकिन भाजपा के खिलाफ जाने वाले वोट सभी विपक्षी पार्टियों में बंट गए। 
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ममता ने जहां छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। वहीं, केजरीवाल ने 40 में से 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। ऐसे में इन दोनों दलों ने कांग्रेस वोट बैंक में सेंधमारी की। जिसका सबसे ज्यादा फायदा भाजपा को हुआ है और और वह चुनाव में बड़ी पार्टी बनकर उभरी। अगर यह कांग्रेस पार्टी अपने अहंकार को दरकिनार करते हुए टीमएसी सहित अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन करती तो आज परिणाम कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में जा सकता था।

अब और मजबूत होंगे सीएम सावंत
गोवा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भाजपा ने 2000 में पहली बार गोवा में सरकार बनाई थी और 4 साल 101 दिन सत्ता में रही। इसके बाद पर्रिकर के नेतृत्व में ही 2012 और 2017 में भी भाजपा ने सरकार बनाई।

दरअसल, भाजपा के दिवंगत नेता और पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के बाद भाजपा के लिए यह पहला चुनाव था। गोवा भाजपा और संगठन के कई नेता दबी जुबान में सीएम प्रमोद सावंत का विरोध करते हुए नजर आ रहे थे, लेकिन अब भाजपा और सावंत की जीत के बाद विरोध के स्वर थम जाएंगे। सावंत अब पहले के मुकाबले ज्यादा ताकतवर और मजबूत होकर उभरेंगे। हालांकि, जो मंत्री चुनाव के दौरान सावंत के खिलाफ जमकर बयानबाजी कर रहे थे, अब मंत्रिमंडल से उनकी छुट्टी होना लगभग तय मानी जा रही है। 

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