कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने बुधवार को अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की जगह उपमुख्यमंत्री चुने जाने पर उनके अनुभव को कम नहीं आंका गया है। उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। परमेश्वर मुख्यमंत्री पद के मुख्य दावेदारों में से एक थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं ने उन्हें एक बहुत जरूरी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले को पूरी तरह और खुशी से स्वीकार कर लिया है।
क्या बोले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर?
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने उन सभी चर्चाओं को गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि उन्हें नेतृत्व के नए ढांचे में पीछे छोड़ दिया गया है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि वह पार्टी के हर फैसले के साथ मजबूती से खड़े हैं। वह उपमुख्यमंत्री के पद को राज्य के लोगों की सेवा करने के एक बड़े और सुनहरे मौके के रूप में देख रहे हैं।
हाईकमान का फैसला मंजूर
परमेश्वर ने अपनी बात खुलकर सबके सामने रखी। उन्होंने कहा, 'हां, मेरे मन में भी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जरूर थी। लेकिन हाईकमान जो भी फैसला लेता है, हमें उसे मानना ही पड़ता है। हम पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और अनुशासन का पालन करना हमारा धर्म है।' उन्होंने पार्टी नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वह उन पर जताए गए भरोसे के लिए बहुत आभारी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज के कठिन हालातों में उन्हें उपमुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है। वह इस विश्वास के लिए पार्टी का दिल से आभार व्यक्त करना चाहते हैं। परमेश्वर के अनुसार, यह नियुक्ति राज्य के विकास के लिए काम करने का एक और बेहतरीन जरिया है। वह कांग्रेस की विचारधारा और पार्टी के चुनावी घोषणापत्र के हिसाब से काम करना जारी रखेंगे।
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जब उनसे सवाल हुआ कि क्या वह मुख्यमंत्री की रेस में होने के बाद इस पद से संतुष्ट हैं, तो उन्होंने बहुत ही सादगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पद के नाम से ज्यादा जनता की सेवा करना जरूरी है। उनके मुताबिक, कोई भी पद अच्छा होता है अगर वह राज्य और लोगों की भलाई करने का अवसर प्रदान करे।
डीके शिवकुमार को दी बधाई
परमेश्वर ने मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार को भी बधाई दी। उन्होंने बताया कि ये दोनों नेता फैसला लेने की पूरी प्रक्रिया में शामिल थे। सरकार में अपने भविष्य के काम को लेकर उन्होंने कहा कि वह किसी भी विभाग की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्हें अभी यह जानकारी नहीं है कि उन्हें कौन सा विभाग दिया जाएगा। लेकिन उन्हें जो भी काम सौंपा जाएगा, वह उसमें पूरी मेहनत और लगन से काम करेंगे।