फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए सीएम: संविधान हाथ में लेकर ली शपथ, जी परमेश्वर उपमुख्यमंत्री बने

Wed, 03 Jun 2026 04:28 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

DK Shivakumar takes oath: कर्नाटक कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार ने बुधवार को बंगलूरू के लोक भवन में कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान वे हाथ में संविधान रखे हुए थे। उनके साथ कई मंत्री भी शपथ ले रहे हैं। 
 
विज्ञापन
डीके शिवकुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के गठन के साथ बुधवार को डीके शिवकुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शिवकुमार ने हाथ में संविधान की प्रति लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण ली। राज्यपाल ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिपरिषद के विस्तार के तहत 12 अन्य नेताओं को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी शामिल है।  सिद्धारमैया ने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। 

30 मई को बंगलूरू में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने उनके नाम प्रस्ताव रखा गया था। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसके बाद आज शिवकुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। 
विज्ञापन

 

कैसे हुई राजनीति की दुनिया में एंट्री?

डीके शिवकुमार ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1980 के दशक की शुरुआत में एक छात्र नेता के तौर पर की थी। 1979 में जब देवराज उर्स और उनके समर्थक कांग्रेस पार्टी छोड़कर चले गए थे, तब शिवकुमार ने एक छात्र नेता के रूप में कांग्रेस में अपनी पैठ बनाई और पार्टी में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। 1985 में अपने पहले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई ने उन्हें छात्र चुनाव का टिकट देने से इनकार कर दिया था। इसी दौरान भाजपा नेता अनंत कुमार ने भी उन्हें अपनी छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में शामिल करने का असफल प्रयास किया था।उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव 1985 में साठनूर सीट से दिग्गज नेता एचडी देवेगौड़ा के खिलाफ लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, 1989 में महज 27 वर्ष की आयु में उन्होंने मैसूरु जिले के साठनूर निर्वाचन क्षेत्र से अपनी पहली चुनावी जीत हासिल की और विधायक चुने गए। 

इन नेताओं ने भी ली शपथ

  • एमबी पाटिल
  • रामलिंगा रेड्डी
  • सतीश जारकीहोली
  • कृष्णा बायरे गौड़ा
  • प्रियंक खरगे
  • यूटी खादर
  • ईश्वर खंड्रे
  • यतींद्र सिद्धारमैया
  • बायराठी सुरेश
  • डॉ. शरण प्रकाश पाटिल
  • केएच मुनियप्पा
  • केजे जॉर्ज
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें