कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में 82,085 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से 1,431,973 लोग दुनियाभर में संक्रमित हो चुके हैं। चीन के वुहान शहर में जन्मा यह वायरस दुनियाभर में महामारी का रूप ले चुका है। ऐसे में आज हम आपको उन सात तारीखों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इस महामारी को लेकर याद रखे जाएंगे।
31 दिसंबर 2019: डब्ल्यूएचओ को चीन ने बताया कि उसके वुहान शहर में एक ऐसा संक्रमण पाया गया है, जिसमें लोगों को सांस लेने में परेशानी आ रही है। शुरुआती दौर में इसे न्यूमोनिया जैसे वायरस से जोड़ कर देखा जा रहा था। चीन की तरफ से दी गई जानकारी के लिए बाद शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों की टीम इसकी जांच में जुट गई।
11 जनवरी 2020: कोरोना वायरस से चीन में पहली मौत होती है। 61 साल की उम्र का व्यक्ति इस वायरस का पहला शिकार बनता है। यह व्यक्ति वुहान के बाजार में खरीदारी के लिए गया था। इसके बाद यह वायरस वुहान से जापान और थाईलैंड तक में पहुंच गया।
24 जनवरी: फ्रांस की तरफ से कोरोना वायरस से संक्रमित तीन मरीजों की पुष्टि की गई। यह पहला मौका था जब कोरोना वायरस के संक्रमण को यूरोप में पाया गया। इसके साथ ही कोरोना वायरस अब यूरोप में पहुंच चुका था। इसके बाद 27 जनवरी को जर्मनी में कोरोना संक्रमित का पहला मामला सामने आया।
2 फरवरी: चीन से बाहर कोरोना वायरस के कारण पहली मौत फिलीपींस में हुई थी। यहां 44 साल का एक व्यक्ति वुहान से मनीला आया था। यहां आने के बाद वह बीमार होता है और बाद में उसकी मौत हो जाती है।
8 मार्च: अब इटली के हालात खराब होने शुरू हो चुके थे। यहां 8 मार्च को पूरे लॉम्बार्डी को क्वारंटीन कर दिया गया। इससे पहले 3 मार्च तक यहां 1000 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके थे और 77 लोगों की इस वायरस से मौत हो चुकी थी।
11 मार्च: डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया। अब तक दुनियाभर में कोरोना वायरस के 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके थे। इस दौरान अमिरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के शेंगेन से अमेरिका आने वाले सभी लोगों की एंट्री पर बैन लगा दिया था।
24 मार्च: कोरोना वायरस की भयावहता को भारत तुरंत समय चुका था। यही कारण था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन कर दिया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन के लिए जनता कर्फ्यू लगाया था, लेकिन मामले के गंभीरता को देखते हुए 24 मार्च को दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन कर दिया गया।