'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत डॉ. रेजा अमीरी मोघादम ने गुरुवार को इस्लामाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आईसीसीआई) का दौरा किया और व्यापारिक समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एफटीए से आपसी व्यापार बढ़ेगा और राष्ट्रपति रईसी यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे।
हालांकि, ईरानी राजदूत ने राष्ट्रपति रईसी की आगामी यात्रा के समय की जानकारी नहीं दी। राजदूत ने यह भी कहा कि दोनों देशों को मजबूत हवाई और समुद्रीय संपर्क की जरूरत है, जिससे आर्थिक संबंध मजबूत होंगे और पाकिस्तान क्षेत्रीय व वैश्विक व्यापार से जुड़ेगा।
उन्होंने कराची, ग्वादर और बंदर अब्बास बंदरगाहों की निकटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्वादर व चाबहार को 'सिस्टर पोर्ट' घोषित किया जाना चाहिए। राजदूत ने कहा, मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार 2.5 अरब डॉलर (यूएसडी) का है। यह व्यापार पिछले 11 महीनों में 11 फीसदी बढ़ा है। उन्होंने कहा, आपसी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एफटीए और द्विपक्षीय समझौतों से इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार अगले कुछ वर्षों में पांच अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान और ईरान आपसी व्यापार से एक-दूसरे की सत्तर फीसदी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। ईरान पाकिस्तान से हलाल के मांस का आयात करता है। पाकिस्तान इस क्षेत्र में ईरान में बहुत काम कर सकता है। राजदूत ने आगे कहा, पाकिस्तान-ईरान गैस पाइपलाइन एक महत्वपूर्ण परियोजना है। जिससे पाकिस्तान के घरेलू और औद्योगिकी दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा।
उन्होंने आगे कहा, ईरान पाकिस्तान की उर्जा समस्याओं को सुलझाने को लेकर गंभीर है। यही वजह है कि तेहरान ने 2009 में एक अरब डॉलर की गैस पाइपलाइन परियोजना पूरी की। ताकि पाकिस्तान अपनी उर्जा जरूरतों को पूरा कर सके। उन्होंने कहा, ईरान पहले से ही तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान के साथ गैस और उर्जा क्षेत्र में व्यापार करता रहा है। इसलिए पाकिस्तान भी इन देशों के द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया का पालन कर सकता है।