एनएच-58 पर रविवार को हुए सड़क हादसे में कार सवार दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। चारों दिल्ली एमसीडी में कर्मचारी थे और हरिद्वार स्नान कर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार की बॉडी काटकर शवों को बाहर निकाला।
दिल्ली एमसीडी में काम करने वाले गुड़गांव के थाना बादशाहपुर के गांव नूरपुर निवासी चपरासी सुरेंद्र पंडित (52) पुत्र गंगाप्रसाद, रोहतक के मोहल्ला प्रधाना निवासी चपरासी बसंत (45) पुत्र लक्ष्मणदास, शास्त्रीनगर दिल्ली निवासी सिक्योरिटी गार्ड कमलेश (43) पत्नी विलशन और कमलेश के साथ प्राइवेट जॉब करने वाली सहेली शास्त्रीनगर दिल्ली निवासी तनुजा (42) पत्नी नरेश शनिवार को अल्टो से हरिद्वार गए थे।
रविवार को चारों कार से दिल्ली लौट रहे थे। कार को सुरेंद्र चला रहा था। दोपहर करीब 1.30 बजे जैसे ही कार नेशनल हाईवे पर भंगेला चौकी और दादरी के बीच पहुंची, तो अगले पहिये में पंचर हो गया। जिससे कार अनियंत्रित होकर हाईवे पर कलाबाजी करती हुई ऊपर की ओर उछली और करीब आठ फुट ऊपर सड़क किनारे खड़े पापुलर के पेड़ से जा टकराई।
कार बराबर में खड़े खजूर के पेड़ से टकराते हुए नीचे जा गिरी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खजूर का पेड़ भी टूट गया। जोरदार टक्कर से कार के अंदर ही चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने राहगीरों की मदद से कार की बॉडी को काटकर चारों शवों को बामुश्किल बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। कार के अंदर पड़े मिले मोबाइल से बातचीत करने पर मृतकों की शिनाख्त हो सकी। पुलिस ने मृतकों के फोनों से ही परिजनों को सूचना दी।