उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सरकारी आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) सेक्शन 188 में दर्ज हो रहे मामले रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट जेलों में बंद कैदियों में संक्रमण रोकने के लिए महामारी के समय जेल में उनकी भीड़ कम करने के निर्देश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई से बड़ी संख्या में नागरिक जेल भेजने पड़ेंगे।
आईपीसी की धारा 188 में उन लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाती है, जिनके द्वारा नियमों का पालन न करने से मानव जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। इसके तहत दोषी को छह महीने तक जेल व एक हजार जुर्माने का प्रावधान है।
एनजीओ सेंटर फॉर अकाउंटिबिलिटी एंड सिस्टमेटिक चेंज के अनुसार दिल्ली के 50 थानों में 23 मार्च से 13 अप्रैल तक 848 एफआईआर दर्ज हुईं। यूपी सरकार के ट्विटर हैंडल के अनुसार 15379 एफआईआर में 48,503 लोगों पर दर्ज की गई हैं। राजधानी और उससे सटे प्रदेश के हालात से देश के बाकी हिस्सों की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।