राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्ष और सरकार की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए रोजाना कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। राष्ट्रपति पद के दावेदारों के रूप में नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP) के सुप्रीमो शरद पवार का नाम भी सामने आया। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पवार को राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा है कि उन्हें रेस से बाहर नहीं होना चाहिए।
पाटिल ने कहा कि "पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को विपक्षी दलों की पेशकश को अस्वीकार नहीं करना चाहिए और राष्ट्रपति पद रेस में जाना चाहिए।"
पाटिल ने गुरुवार को कहा, "पवार को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनने के लिए सभी विपक्षी दलों ने पेशकश की। लेकिन पवार ने इसे ठुकरा दिया। इसलिए मैं केवल अपनी राय दे सकती हूं। मुझे लगता है कि उन्हें इस प्रस्ताव से इनकार नहीं करना चाहिए।"
पाटिल ने आगे कहा कि वो अपनी राय के कारणों का खुलासा नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि "मैं खुले में उनके बारे में बात नहीं करेंगे। मुझे यकीन है कि पवार के साथ महिलाओं की शुभकामनाएं होंगी। क्योंकि वे स्थानीय नागरिक निकाय के चुनावों में आरक्षण शुरू करने की वकालत की थी, जिसके बाद महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने में उनकी काफी अच्छी पैठ है।"
पवार को लेकर काग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद शालिनी पाटिल ने कहा कि एनसीपी प्रमुख से राज्य विधानसभा और संसद में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग की है।