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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, पीएम मोदी ने कहा- हमेशा आपका आशीर्वाद और साथ मिला

Mon, 31 Aug 2020 11:09 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रणब मुखर्जी और नरेंद्र मोदी - फोटो : Twitter@narendramodi
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भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का देर शाम सोमवार को निधन हो गया। वे 84 साल के थे और 10 अगस्त 2020 से ही राजधानी दिल्ली के सेना के रिसर्च एवं रेफरल अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। मस्तिष्क की सफल सर्जरी के बाद उनके फेफड़े में संक्रमण फैल गया था। वे काफी समय से जीवन रक्षा प्रणाली पर थे। 

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हालांकि सोमवार, 31 अगस्त को उनके बेटे अभिजीत मुख़र्जी ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी। उनके इस ट्वीट के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री समेत देशभर के कई नेताओं ने शोक जताया और अपनी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताते हुए कहा कि एक युग का अंत। कोविंद ने उनके परिवार, दोस्तों और सभी नागरिकों के प्रति संवेदना जताई और राष्ट्र का एक योग्य बेटा बताया ।

 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के के बाद कई ट्वीट कर शोक जताया और प्रणब मुखर्जी से जुडी यादों को साझा किया। पीएम ने कहा, 'भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन से भारत शोकाकुल है। उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। एक विद्वान सम उत्कृष्टता, एक राजनीतिज्ञ जो समाज के सभी वर्गों द्वारा प्रशंसित थे।
 



गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'प्रणब दा का जीवन हमेशा उनकी त्रुटिहीन सेवा और हमारी मातृभूमि के लिए अमिट योगदान के लिए जाना जाएगा। उनके निधन ने भारतीय राजनीति में एक बहुत बड़ा शून्य छोड़ दिया है। इस अपूरणीय क्षति पर उनके परिवार और अनुयायियों के साथ मेरी संवेदना है। 
 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने व्यक्तिगत क्षति बताया और अपनी संवेदनाएं प्रकट की। राजनाथ सिंह ने लिखा, 'भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी जी के निधन से गहरा दुख हुआ। समाज के सभी वर्गों के लोगों द्वारा उनका बहुत सम्मान किया गया। उनका निधन एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्हें भारत के इतिहास, कूटनीति, सार्वजनिक नीति और रक्षा का भी जबरदस्त ज्ञान था। प्रणब दा का चरित्र सादगी, ईमानदारी और ताकत से भरा था। उन्होंने हमारे देश के लिए परिश्रम और समर्पण के साथ काम किया। सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान अमूल्य था। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना।'

 


जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपना दुःख व्यक्त किया और प्रणब मुखर्जी को एक उत्कृष्ट नेता बताया।

 
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा, 'भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर मैं शोक व्यक्त करता हूं। संसदीय व प्रशासनिक क्षेत्र में उनका अनुभव बेजोड़ था। व्यक्तिगत संबंधों में उन्होंने राजनीतिक जुड़ाव को कभी बाधा नहीं बनने दिया। उनका निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है।'

राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने जताया दुःख

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने लिखा, 'बहुत दुख के साथ, राष्ट्र को हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन की खबर मिली। मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।'
 
 
आजाद भारत का सबसे महान नेता: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आजाद भारत का सबसे महान नेता बताते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

कांग्रेस परिवार के अभिभावक एवं एक कुशल राजनेता: प्रियंका गांधी वाड्रा
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी का निधन पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रणब दा पूरे कांग्रेस परिवार का मार्गदर्शन करने वाले अभिभावक एवं एक कुशल राजनेता थे। विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों को दुख सहने का साहस दे।'

कांग्रेस पार्टी के वो भीष्म पितामह थे: कपिल सिब्बल
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी में उनका योगदान इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। वो अपने आप में एक इनसाइक्लोपीडिया थे। ऐसे शख्स राजनीति में बहुत कम दिखते हैं। कांग्रेस पार्टी के वो भीष्म पितामह थे। उनकी सहमति के बिना कांग्रेस पार्टी कोई फैसला नहीं ले सकती थी।'

मेरा रिश्ता दशकों पुराना: जनार्दन द्विवेदी
पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, 'प्रणब दा से मेरा रिश्ता दशकों पुराना है। उनके साथ अनेक राजनीतिक सामाजिक वैचारिक मुद्दों पर मेरा संवाद होता रहता था। कांग्रेस की परंपरा में इस समय प्रणब जी अकेले व्यक्ति थे जिनके साथ इतिहास, संस्कृति एवं राजनीति के व्यापक पक्षों पर लंबा संवाद हो सकता था। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उन्हें मेरी श्रद्धांजलि।

एक युग पुरुष चला गया: किशोर उपाध्याय
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुये कहा कि एक युग पुरुष चला गया। मैं श्री मुखर्जी को 1978 से जानता था और उत्तराखंड आन्दोलन में भी उन्होंने सक्रिय सहयोग किया था। वे माँ गंगा और मध्य हिमालयी सरोकारों से गहन रूप से जुड़े हुये थे। योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने मध्य हिमालय के विकास की सोच को धार दी थी और इस भावना से उन्होंने टिहरी का दौरा भी किया था।

मुझे चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया: कमलनाथ
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के अनुभवी नेता कमलनाथ ने कहा, 'प्रणब दा से मेरे पुराने संबंध थे, जब मैं नौजवान था और फुल टाइम राजनीति में भी नहीं आया था, तब से उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया है। 1979 में उन्होंने मुझे चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।'

कांग्रेस सरकार के संकट मोचक: भूपेश बघेल 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, 'पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। सरकार जब भी संकट में आती थी तो एक संकट मोचक के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मैं छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से उन्हे विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।'

उन्हें सुनना हमेशा अच्छा लगता था: पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी
पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा, 'व्यथित हूं। प्रणब मुख़र्जी को लंबे समय से जानता था। बेहद सौहार्दपूर्ण संबंध थे, जो उनके द्वारा राष्ट्रपति और मेरे द्वारा उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी जारी रहे। हम आखिरी बार जून में मिले थे। उन्हें सुनना हमेशा अच्छा लगता था।'

संघ-आडवाणी समेत कई भाजपा नेताओं ने जताई संवेदना

लाल कृष्ण आडवाणी ने जताया दुःख
वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी दुःख जताते हुए अपने अनुभव साझा किए। आडवाणी ने कहा, 'मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, वह एक सहयोगी से अधिक थे और हमने अपने सार्वजनिक जीवन के अंदर और बाहर दोनों में मूल्यवान क्षणों को साझा किया है। एक साथ साझा किए गए विभिन्न लंच की यादें मेरे दिल में हमेशा खास रहेंगी।

संघ ने बताया मार्गदर्शक
स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक जताया और कहा, 'भारत के राजनैतिक-सामाजिक जीवन में उपजी इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। संघ के प्रति उनके प्रेम और सद्भाव के चलते हमारे लिए तो वे एक मार्गदर्शक थे। उनका जाना संघ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।'

देश के विकास में अतुलनीय योगदान: शिवराज सिंह चौहान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'देश के विकास में उनका अतुलनीय योगदान रहा है। आजादी के बाद से ही लगातार केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर रहकर उन्होंने मां भारती और जनता की सेवा की है। मैं उनके चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूं।'

संसद में रहे और विभिन्न दायित्वों को जिम्मेदारी से बखूबी निभाया: जयराम ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने कहा, 'ये हमारे लिए दुखद समाचार है कि भारत के तेरहवें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज दुखद निधन हुआ। ये बहुत लंबे समय तक संसद में रहे और विभिन्न दायित्वों को जिम्मेदारी से बखूबी निभाया। इस बड़ी शख्सियत के इस तरह से हमारे बीच से जाने पर मैं शोक व्यक्त करता हूं।'

राष्ट्र की एक अपूरणीय क्षति: योग गुरु रामदेव
योग गुरु रामदेव ने कहा, 'प्रणब मुखर्जी साहब का बहुत बड़ा योगदान भारतीय राजनीति में है। उन्होंने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। यह भारतीय राजनीति और राष्ट्र की एक अपूरणीय क्षति है। वो युगों-युगों तक भारतीय राजनीति का, समाज का, देश का मार्गदर्शन करते रहेंगे।'
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बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने जताया दुख

बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी भारत के पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। 

उन्होंने लिखा कि प्रणब मुखर्जी बांग्लादेश के सच्चे मित्र थे। 2013 में, बांग्लादेश सरकार ने उन्हें बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए 'बांग्लादेश मुक्तिजुमो सोमनोना' (लिबरेशन वॉर ऑनर) से सम्मानित किया था।

 

प्रणब मखर्जी ने बहुत प्रभावित किया : पी चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मैं प्रणब मुखर्जी को पिछले कई दशकों से जानता था, लेकिन यूपीए सरकार में (2004-14) जब मैं वित्त मंत्री था, तो उनके काफी कारीब आने का अवसर मिला। उन्हें जानने, समझने के तमाम मौके आए। प्रणब मुखर्जी की सामाजिक सोच, उदारवाद के बारे में समझ और आर्थिक दृष्टिकोण भी सामने आए। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि वह देश और राजनीति की हर विधा से भली भांति परिचित थे। मैंने उन्हें राजनीतिक जीवन में एक उम्दा व्यक्तित्व के रूप में पाया। वह किसी भी कठिन परिस्थिति को अपनी समझ से आसान बना देते थे। उनके साथ बिताए, ये समय हमेशा अविष्मरणीय रहेंगे।
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