बता दें कि, 28 सितंबर 1995 को विधायक आवास के बाथरूम में पूर्व एमएलए की पत्नी शशिरेखा का शव अधजला हुआ मिला था। पुलिस के अनुसार, शशिरेखा की जब हत्या हुई, उस दौरान वह गर्भवती थीं।
ओडिशा के पूर्व विधायक राममूर्ति गोमांगो को 27 साल पहले हुई उनकी पत्नी की हत्या के मामले में शनिवार को एक विशेष अदालत ने दोषी ठहराया। सरकारी वकील के मुताबिक, उन्हें मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी।
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भुवनेश्वर की विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने 11 गवाहों के बयान और 15 दस्तावेजों के आधार पर गोमांगो को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया। उन्हें आईपीसी की धारा 201 के तहत सबूत नष्ट करने का भी दोषी ठहराया गया था। सरकारी वकील रश्मी रंजन ब्रह्मा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि पूर्व विधायक गोमांगो को मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी।
अधजली मिली थी लाश
बता दें कि, 28 सितंबर 1995 को भुवनेश्वर में विधायक आवास के बाथरूम में पूर्व एमएलए की पत्नी शशिरेखा का शव अधजला हुआ मिला था। पुलिस के अनुसार, शशिरेखा की जब हत्या हुई, उस दौरान वह गर्भवती थीं। खारवेलनगर स्टेशन पुलिस ने पहले अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया था, बाद में उसे हत्या में तब्दील कर दिया। गोमांगो ने दावा किया था कि उनकी पत्नी ने आत्महत्या की।
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दो बार रहे विधायक
गोमांगो पहली बार 1990 में जनता दल के टिकट पर रायगड़ा जिले की गुनुपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। वह 2000 में भाजपा के टिकट पर उसी सीट से दोबारा चुनाव लड़े और जीते। हालांकि, 2004 में वह अपनी निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी हेमा गमांग से हार गए।