ओडिशा के पूर्व विधायक राममूर्ति गोमांगो को 27 साल पहले हुई उनकी पत्नी शशिरेखा की हत्या के मामले में मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे-तृतीय) भुवनेश्वर की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाने के अलावा 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
24 जून को पूर्व विधायक गोमांगो को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत दोषी ठहराया गया था। सरकारी वकील रश्मी रंजन ब्रह्मा ने कहा कि उम्रकैद के अलावा विशेष अदालत की न्यायाधीश सष्मिता पाधी ने पूर्व विधायक पर विभिन्न धाराओं के तहत 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले से जुड़े 11 गवाहों के बयान और 15 दस्तावेजों के आधार पर गोमांगो को दोषी ठहराया गया।
अधजली मिली थी लाश
बता दें कि, 28 सितंबर 1995 को भुवनेश्वर में विधायक आवास के बाथरूम में पूर्व एमएलए की पत्नी शशिरेखा का शव अधजला हुआ मिला था। पुलिस के अनुसार, शशिरेखा की जब हत्या हुई, उस दौरान वह गर्भवती थीं। पुलिस के अनुसार, शशिरेखा की जब हत्या हुई, उस दौरान वह गर्भवती थीं। खारवेलनगर स्टेशन पुलिस ने पहले अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया था, बाद में उसे हत्या में तब्दील कर दिया। गोमांगो ने दावा किया था कि उनकी पत्नी ने आत्महत्या की।
दो बार रहे विधायक
गोमांगो पहली बार 1990 में जनता दल के टिकट पर रायगड़ा जिले की गुनुपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। वह 2000 में भाजपा के टिकट पर उसी सीट से दोबारा चुनाव लड़े और जीते। हालांकि, 2004 में वह अपनी निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी हेमा गमांग से हार गए।