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अलीगढ़ की पूर्व मेयर शकुंतला भारती हत्या के आरोप से बरी, 2006 में भड़का था सांप्रदायिक दंगा

Mon, 29 Oct 2018 11:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ़ में वर्ष 2006 में हुए सांप्रदायिक दंगे के दौरान कनवरीगंज फर्श पर एक व्यक्ति मो. आजम की हत्या में पूर्व मेयर शकुंतला भारती सहित तीन आरोपी अदालत से बरी कर दिए गए हैं। यह फैसला गवाहों के गवाही से मुकरने के चलते अदालत स्तर से लिया गया है। इस मुकदमे में एक आरोपी ओपी लाल की पूर्व में मौत हो चुकी है, जबकि तीन आरोपी पूर्व में बरी हो चुके हैं।

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बता दें कि पांच अप्रैल 2006 को दुर्गा अष्टमी की शाम दही वाली गली स्थित मंदिर में पूजा के दौरान हुए विवाद के अगले दिन शहर में सांप्रदायिक दंगा भड़क गया था। इस दौरान कनवरीगंज फर्श सहित कई जगहों पर पथराव-फायरिंग की घटनाएं हुई थीं। फर्श इलाके में अलग-अलग झड़पों में चार लोगों की मौत हुई थी। 

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इनमें से एक मो. आजम की गोली लगने से मौत के मुकदमे में उसके भाई मो. कासिम निवासी टीला चौकात ऊपरकोट ने शकुंतला भारती, कैलाश, ओपी लाला, आनंद, अमित, आलोक उर्फ शिवाजी व गुन्नी पहलवान उर्फ गणेश नामजद किए थे। बाद में ओपी लाला की मौत हो गई। 

सत्र परीक्षण के दौरान पूर्व में अमित, आलोक शिवाजी व गुन्नी पहलवान को बरी कर दिया गया। इस विषय में खुद पूर्व मेयर शकुंतला भारती व उनके पूर्व अधिवक्ता शैलेंद्र अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विवेचना के दौरान उनका व आनंद और कैलाश के नाम पुलिस ने निकाल दिए थे। 

मगर वादी पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ली और अदालत ने उन्हें फिर से तलब कर लिया। खुद पूर्व मेयर, आनंद व कैलाश के खिलाफ परीक्षण लंबित था, जिसमें अब एडीजे-5 की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को गवाहों के बयान से मुकरने के कारण सोमवार को बरी कर दिया।
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