इनमें से एक मो. आजम की गोली लगने से मौत के मुकदमे में उसके भाई मो. कासिम निवासी टीला चौकात ऊपरकोट ने शकुंतला भारती, कैलाश, ओपी लाला, आनंद, अमित, आलोक उर्फ शिवाजी व गुन्नी पहलवान उर्फ गणेश नामजद किए थे। बाद में ओपी लाला की मौत हो गई।
सत्र परीक्षण के दौरान पूर्व में अमित, आलोक शिवाजी व गुन्नी पहलवान को बरी कर दिया गया। इस विषय में खुद पूर्व मेयर शकुंतला भारती व उनके पूर्व अधिवक्ता शैलेंद्र अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विवेचना के दौरान उनका व आनंद और कैलाश के नाम पुलिस ने निकाल दिए थे।
मगर वादी पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ली और अदालत ने उन्हें फिर से तलब कर लिया। खुद पूर्व मेयर, आनंद व कैलाश के खिलाफ परीक्षण लंबित था, जिसमें अब एडीजे-5 की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को गवाहों के बयान से मुकरने के कारण सोमवार को बरी कर दिया।