भारतीय किसान यूनियन ने कहा
टिकैत पर शिकायत दर्ज होने की बात पर टिप्पणी करते हुए भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक ने अमर उजाला से कहा कि यह हमारी आम बोलचाल की भाषा है, जिसे कुछ लोग गलत समझ लेते हैं। लेकिन वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन गांधीवादी तरीके से पिछले आठ महीनों से अपना विरोध प्रदर्शन जारी किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मांगें न मानने तक आगे भी यह प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन उनके लिए जंग और युद्ध के जैसा ही है और इन शब्दों को लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
राकेश टिकैत के विरुद्ध यह शिकायत ऐसे समय में दर्ज कराई गई है जब किसान 22 जुलाई से संसद का घेराव कर कृषि कानूनों पर अपनी मांगें मनवाने की कोशिश करने की योजना बना रहे हैं। किसानों की योजना है कि सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर से प्रतिदिन 200-200 किसान संसद भवन जाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे और सरकार से विवादित कानून वापस लेने की मांग करेंगे। किसानों की संसद जाने की मांग पर दिल्ली पुलिस और किसानों में कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक यह असफल ही रही है।