कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक शास्त्री ने दिल्ली में शीला दीक्षित डेढ़ दशक के कार्यकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। वह दिल्ली में छह बार विधानसभा चुनाव भी लड़े थे जिनमें से तीन बार उन्होंने जीत हासिल की थी। अब एनसीपी में शामिल होते हुए उन्होंने कांग्रेस हाई कमान के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के पूर्व नेता और दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए। एनसीपी प्रमुख शरद पवार की मौजूदगी में हुए एक कार्यक्रम में वह एनसीपी का हिस्सा बने। उन्हें पार्टी की शहर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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एनसीपी में शामिल होने के बाद शास्त्री ने कहा कि वहां (कांग्रेस में) काम करना आसान नहीं था। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पार्टी काई कमान उन लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है जो समाज से जुड़ ही नहीं पा रहे हैं। पंजाब इसका उदाहरण है और बाकी राज्यों की स्थिति भी सब जानते हैं।
हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी की तारीफ की। शास्त्री ने कहा कि राहुल और प्रियंका मेहनत से काम कर रहे हैं लेकिन जो लोग उनके आस-पास हैं वो ईमानदार नहीं हैं और उनमें अपने काम को लेकर कोई प्रतिबद्धता भी नहीं है।