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बंगाल: पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की साली फुटपाथ पर रहने को मजबूर, जानें उनकी ऐसी हालत की वजह... 

Fri, 10 Sep 2021 10:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

इरा प्रियनाथ गर्ल्स स्कूल में जीव विज्ञान की शिक्षिका थीं। उनकी 1976 में प्रियनाथ गर्ल्स हाई स्कूल में नियुक्ति हुई थी। 28 जून, 2009 को वह यहां से सेवानिवृत्त हुईं। इस दौरान बुद्धदेव भट्टाचार्य बंगाल के मुख्यमंत्री थे।
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इरा बसु - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की साली और उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य की बहन इरा बसु फुटपाथों पर रहने को मजबूर हैं। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती हैं। वायरोलॉजी में पीएचडी हैं और राज्य स्तर की टेबल टेनिस खिलाड़ी भी हैं, लेकिन जिंदगी फुटपाथों पर गुजारने को मजबूर हैं। वह मैले कपड़ों में उत्तर 24 परगना के बड़ाबाजार के फुटपाथों पर सोती हैं और वहीं रेहड़ी पटरी लगाने वालों से भोजन खरीदती हैं।
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इरा प्रियनाथ गर्ल्स स्कूल में जीव विज्ञान की शिक्षिका थीं। उनकी 1976 में प्रियनाथ गर्ल्स हाई स्कूल में नियुक्ति हुई थी। 28 जून, 2009 को वह यहां से सेवानिवृत्त हुईं। इस दौरान बुद्धदेव भट्टाचार्य बंगाल के मुख्यमंत्री थे। उस समय वह बारानगर में रहती थीं। बाद में वह खड़दह के लीचू बगान में रहने लगीं, लेकिन फिर वह अचानक कहीं लापता हो गईं। 

वहीं, प्रियनाथ स्कूल के प्रधानाध्यापिका कृष्णकली चंदा के मुताबिक उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद कागजात जमा कराने को कहा गया था ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। मगर उन्होंने कागजात जमा नहीं कराए। इसलिए उन्हें पेंशन नहीं मिलती। बढ़ी उम्र और इस अवस्था के बावजूद पूर्व शिक्षिका कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा बच्चों के लिए सही नहीं हैं। वह इसका समर्थन नहीं करतीं। सोशल मीडिया पर बसु की हालत की खबर फैलते ही प्रशासन ने एंबुलेंस भेजकर उन्हें खड़दह से बरानगर पुलिस स्टेशन लाने का निर्देश दिया और उसके बाद अस्पताल में स्वास्थ्य की जांच के लिए भर्ती कराया गया।
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वीआईपी पहचान नहीं चाहती: बसु
शिक्षक दिवस के मौके पर एक स्थानीय एनजीओ ने उनका सम्मान किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक और बच्चे मुझे अब भी याद करते हैं। वे जब मुझे गले लगाते हैं, तो रोने लगते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के परिवार से उनके संबंध पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैंने कभी कोई लाभ लेने की कोशिश नहीं की। मैंने अपने दम पर सारा काम किया। मैं कोई वीआईपी पहचान नहीं चाहती। हालांकि, बहुत सारे लोग हमारे पारिवारिक संबंध के बारे में जान गए हैं।
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