आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को एसीबी कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। फाइबरनेट घोटाला मामले में सोमवार को उन्हें पेश किया जाएगा। फाइबरनेट घोटाला मामले में गुरुवार को एसीबी अदालत ने सीआईडी को मामले में चंद्रबाबू के लिए प्रिजनर इन ट्रांजिट (पीटी) वारंट जारी करने की अनुमित दे दी है। विजयवाड़ा की एसीबी अदालत ने तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख को सोमवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच पेश करने का आदेश दिया गया है। बता दें कौशल विकास मामले और अमरावती इनर रिंग रोड मामले के बाद यह तीसरा भ्रष्टाचार का मामला है,जिसमें चंद्रबाबू नायडू को आरोपी बनाया गया है।
क्या है फाइबरनेट घोटाला?
फाइबरनेट घोटाला नियमों का उल्लंघन करके एक पसंदीदा कंपनी को 330 करोड़ रुपये के एपी फाइबरनेट प्रोजेक्ट के चरण -1 के लिए कार्य आदेश आवंटित करने के लिए निविदा प्रक्रिया में कथित हेरफेर का मामला है। यह घोटाला कथित तौर पर तब हुआ जब नायडू के पास ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और निवेश विभाग का प्रभार था।
सीआईडी ने आरोप लगाए
सीआईडी ने आरोप लगाया कि टेंडर आवंटित करने से लेकर पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होने तक कई अनियमितताएं हुईं, जिससे राजकीय कोष को खासा नुकसान हुआ है। परियोजना को निष्पादित करते समय घटिया सामग्री के उपयोग, शर्तों का उल्लंघन और आरएफपी में उल्लिखित विशिष्टताओं का पालन न करने के कारण ऑप्टिक फाइबर केबल की लगभग 80 प्रतिशत क्षमता अनुपयोगी हो गई थी।
चंद्रबाबू नायडू को पिछले महीने आंध्र प्रदेश आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार किया था। जबकि चंद्रबाबू कौशल विकास मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें बुधवार को अमरावती इनर रिंग रोड मामले में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर तक अग्रिम जमानत दे दी थी।