उन्होंने कहा कि झड़प में घायल एक व्यक्ति को कोलासिब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसकी गर्दन में गहरा घाव होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, तीन लोगों का इलाज वैरेंगते गांव के जनस्वास्थ्य केंद्र में किया गया। पुलिस ने कहा कि एक घायल को असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बीच, असम सरकार ने भी कहा कि हालात काबू में हैं और इलाके में शांति बहाल करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही पुलिस को तैनात किया गया है। असम के वन मंत्री एवं स्थानीय विधायक परिमल शुक्ला बैद्य ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगभग हर साल होती हैं क्योंकि दोनों ही तरफ के लोग अवैध तरीके से पेड़ काटते हैं।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के निर्देश पर बैद्य ने रविवार को लैलापुर का दौरा किया और लोगों से बातचीत की।असम सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह घटना समुदायों में अशांति पैदा करने के लिए उपद्रवियों द्वारा की गई करतूत थी।
वहीं, कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने भी अंतर-राज्यीय सीमा से सटे इलाके का दौरा किया और आश्वासन दिया कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच अशांति पैदा करने की कोशिश करने वाले 'असामाजिक तत्वों' से प्रशासन उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराएगा। असम के आयुक्त (गृह) ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने स्थानीय लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया और मिजोरम के लोगों के साथ सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।
कछार के पुलिस अधीक्षक भंवर लाल मीणा ने कहा, ' हमें कुछ अस्थायी घरों और दुकानों को जलाए जाने की रिपेार्ट मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू किया। भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं हों, इसको लेकर हम हरसंभव कदम उठा रहे हैं।'