शबनम ने हत्या करने के बाद तेजी से रोना-चीखना शुरू कर दिया। जब आसपास के लोग पहुंचे, तो हालात देखकर दंग रह गए। खून से लथपथ सात लाशें पड़ीं थीं। घर में अकेली 25 साल की लड़की शबनम जीवित बची थी। आधी रात को हुए इस सनसनी खेज हत्याकांड से पुलिस प्रशासन में हड़कंप में मच गया। शबनम ने पुलिस को बताया कि उसके घर में लुटेरे घुसे और पूरे परिवार की हत्या कर दी। वह बाथरूम थी, इसलिए बच गई।
शबनम और सलीम पर ऐसे कसा शिकंजा
पुलिस ने लूट के एंगल से जांच की, लेकिन कोई सबूत हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर ध्यान दिया, तो कई सवाल सामने आए। मरने वालों ने खुद को बचाने की कोशिश नहीं की? लूटपाट के कोई सबूत नहीं मिले? इस बीच पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों को मारने से पहले कोई दवा खिलाकर बेहोश किया गया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस के शक की सुई शबनम पर घूम गई। शबनम की कॉल डिटेल निकाली गई, जिससे पता चला कि हत्या की रात शबनम की एक ही नंबर पर कई बार बात हुई। बाद में पुलिस को शबनम के गर्भवती होने का पता चला। शबनम शादी-शुदा नहीं थी, इसलिए इस हत्याकांड में पुलिस को यह जानकारी बेहद अहम लगी। इसके बाद पुलिस ने शबनम से कड़ी पूछताछ शुरू की। आखिरकार शबनम टूट गई और उसने अपने गुनाह कबूल किया।
सलीम की निशानदेही पर बरामद की कुल्हाड़ी
इसके बाद, पुलिस ने सलीम को भी दबोच लिया और बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सलीम की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी पुलिस ने बरामद कर ली।
मोहब्बत करना गुनाह नहीं पर मोहब्बत के लिए जो गुनाह शबनम-सलीम कर बैठे वो दिल दहलाने वाला है। प्यार तो रुई सा कोमल होता है उसके लिए या उसके नाम पर ऐसा सख्त कदम कैसे उठाया जा सकता है, यही प्रश्न इस तरह की घटनाओं के बाद परेशान करता है।
फांसी की तैयारियों के बीच ये सवाल भी हमेशा गूंजता रहेगा कि ओस की बूंद सी नाजुक शबनम कैसे पत्थरदिल होकर अपने ही परिवार को यों खत्म कर बैठी?
150 साल पहले बना था प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर
मथुरा के जिला कारागार में करीब 150 साल पहले फांसी घर बनाया गया था, लेकिन आजादी के बाद से अब तक देश में किसी भी महिला को फांसी नहीं दी गई है। यह उत्तर प्रदेश का इकलौता महिला फांसी घर है। हालांकि, अभी फांसी की तारीख तय नहीं हुई है।