साल 2019 के विदा लेने से पहले पूरी दुनिया में अचानक कोरोना वायरस का नाम तेजी से गूंजने लगा। चीन में इसकी चर्चा जितनी तेजी से शुरू हुई, उसकी दोगुनी रफ्तार से पूरी दुनिया में खौफ पसरने लगा। वैज्ञानिकों ने रंग-रूप के आधार पर इसे सबसे पहले कोरोना वायरस कहा और 2019 में मिलने के बाद आधिकारिक नाम कोविड-19 रख दिया। चीन के बाद दुनिया के कई देशों में दस्तक देकर जब यह महामारी भारत पहुंची तो हालात काफी नाजुक थे। उस दौर में देश ने न सिर्फ स्वदेसी वैक्सीन तैयार की, बल्कि आज 100 करोड़ टीके लगाने के कीर्तिमान को भी हासिल कर लिया। इस रिपोर्ट में हम आपको भारत में हुए टीकाकरण के सफरनामे से रूबरू करा रहे हैं। इसमें हम आपको बताएंगे कि पहला टीका लगने से लेकर 100 करोड़वें टीके के मुकाम तक पहुंचने में भारत ने कितना संघर्ष किया? देश ने किस तरह एक करोड़, 10 करोड़, 25 करोड़, 50 करोड़ और 75 करोड़ के आंकड़े को पार किया।