बीते वर्ष नवंबर माह से किसान नए कृषि कानूनों की मांग को रद्द करने को लेकर किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। किसानों और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की चर्चाएं भी हुई लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन को नौ माह पूरे हो गए हैं। आंदोलन के आगे की रणनीति तय करने के लिए 26 और 27 अगस्त को सिंघु बॉर्डर पर देश के 50 किसान संगठन जुटने जा रहे है। इस बैठक में किसान सरकार को घेरने की रणनीति तय करेंगे।
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किसान नेता हन्ना मौला ने अमर उजाला से कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में होने दो दिनों की बैठक में देशभर के 50 किसान संगठनों के 15 सौ से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे। दोनों दिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चर्चा होगी। अभी तक आंदोलन में क्या अच्छा रहा और कहां कमी हुई इसे लेकर चर्चा होगी। साथ ही आंदोलन को आगे कैसा चलाना है इसका विस्तृत रोडमेप तैयार होगा।
जानकारी के अनुसार, इस बैठक में देश के आंदोलन को कैसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जाए इसे लेकर किसान नेताओं की जिम्मेदारी तय कि जाएगी। वहीं किसान नेता विवादित भाषण देने से कैसे बचे और आपसी विवाद को कैसे सुलझा इसे लेकर भी चर्चा होगी। बैठक में किसान संगठन भाजपा को पंजाब, यूपी समेत अन्य राज्यों में कैसे नुकसान पहुंचा सके, इसे लेकर भी अपनी रणनीति तैयार करेंगे।
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गौरतलब है कि बीते वर्ष नवंबर माह से किसान नए कृषि कानूनों की मांग को रद्द करने को लेकर किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। किसानों और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की चर्चाएं भी हुई लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है।