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किसान आंदोलनः अब दिल्ली पुलिस संभालेगी मोर्चा, हाई अलर्ट पर राजधानी

Fri, 22 Jan 2021 07:32 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किसानों के ट्रैक्टर दिल्ली के भीतर न आ सकें, इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 35 से 40 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। दिल्ली में प्रवेश करने के सभी 127 मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा...
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किसानों का ट्रैक्टर मार्च - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
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केंद्र सरकार और किसानों के बीच हुई 11वें दौर की बातचीत में कुछ नहीं निकल सका। अगली बातचीत कब होगी, इसे लेकर कुछ साफ नहीं है। किसानों ने कह दिया है कि 26 जनवरी को दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। मतलब सीधा है कि अब किसान आंदोलन के मामले में दिल्ली पुलिस मोर्चा लेगी। गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल 23 जनवरी को है, इसे लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं को सील करने का प्लान तैयार कर लिया है। किसानों के ट्रैक्टर दिल्ली के भीतर न आ सकें, इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 35 से 40 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। दिल्ली में प्रवेश करने के सभी 127 मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा।

दिल्ली पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक अगर किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने पर अड़े रहते हैं, तो पुलिस प्रशासन और किसान संगठन, दोनों के लिए मुश्किल होगी। चूंकि उस दिन गणतंत्र दिवस है, इसलिए पुलिस सुरक्षा के मामले में कोई भी कोताही नहीं बरतेगी। पुलिस ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है। अभी तक जो स्थिति बन रही है, उसके मुताबिक, किसान ट्रैक्टर मार्च दिल्ली से बाहर होता है तो ठीक है। उसे दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत नहीं मिलेगी।
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पुलिस ने अपनी इंटेलिजेंस टीम से पता लगाया है कि किसान संगठन करीब सवा लाख ट्रैक्टर दिल्ली में लाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि कई किसान नेता एक लाख ट्रैक्टर लाने की बात कहते हैं, लेकिन पुलिस का मानना है कि वे अपनी ताकत दिखाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में ट्रैक्टर लाने का प्रयास करेंगे।

हाई अलर्ट के दौरान दिल्ली में इस तरह की कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी। किसानों से निपटने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। पर्याप्त संख्या में हैवी बेरिकेड तैयार कराए गए हैं। चूंकि किसानों के पास हैवी ड्यूटी ट्रैक्टर हैं तो इसके लिए करीब 10 हजार क्रेन का इंतजाम करना होगा। ये दिल्ली पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। पुलिस के पास जो क्रेन हैं, वे ज्यादातर हल्के वाहनों को उठाने के लिए हैं। प्राइवेट क्रेन मालिकों से संपर्क किया जा रहा है।

इसके अलावा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के पास अपने चार हजार जवान हैं। वैसे इनकी संख्या छह हजार से अधिक है, लेकिन ग्राउंड ड्यूटी पर करीब चार हजार पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। दिल्ली में मौजूद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की करीब तीन दर्जन कंपनियां पुलिस का सहयोग करेंगी। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। किसान अपनी ट्रैक्टर परेड दिल्ली के भीतर यानी बाहरी रिंग रोड पर निकालने की जिद करते हैं तो इसके लिए करीब पचास हजार जवान तैनान करने होंगे। इसमें आरएएफ की टीमें भी शामिल रहेंगी।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, चूंकि एक ट्रैक्टर पर चार पांच किसान बैठेंगे, तो ऐसे में ट्रैक्टर परेड में किसानों की संख्या चार पांच लाख तक पहुंच सकती है। यदि किसानों ने ट्रैक्टर परेड का मुंह दिल्ली की तरफ किया तो उस स्थिति में पुलिस को सख्त कदम उठाना पड़ेगा। हालांकि इस तरह की स्थिति में आंसू गैस के गोले छोड़ना ही सबसे ज्यादा कारगर कदम साबित होता हैं। इसके अलावा हैवी वाटर कैनन का इस्तेमाल भी होगा।

23 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक दिल्ली मेट्रो और बसों में सवार यात्रियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा भी एंट्री प्वाइंट पर विशेष दस्ते तैनात होंगे। लोगों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सर्विलांस उपकरण लगा दिए गए हैं।

बतौर किसान नेता, शिव कुमार कक्का, चौ. हरपाल सिंह, दर्शनपाल और एआईकेएससीसी के सरदार जगमोहन सिंह का साफतौर पर कहना है कि दिल्ली की ट्रैक्टर परेड एतिहासिक होगी। इसे हर कीमत पर निकाला जाएगा। देश के प्रत्येक जिले से हजारों ट्रैक्टरों को दिल्ली लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अगर सरकार ने ट्रैक्टर परेड रोकने का प्रयास किया तो उसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे।

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