फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन: 27 को देशव्यापी बंद की तैयारी, रेल-बस सेवा पर पड़ेगा असर

Sat, 25 Sep 2021 07:12 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किसान नेता हन्ना मौला ने बताया कि किसान आंदोलन के 10 माह पूरे होने के अवसर पर 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसमें कई अन्य किसान संगठन भी शामिल हो रहे हैं और इनकी संख्या करीब सौ के आसपास है...
विज्ञापन
किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों को दिल्ली समेत पूरे देश में करीब 10 माह से धरना प्रदर्शन जारी हैं। आगामी 27 सितंबर को इस आंदोलन के दस माह होने जा रहे है। इस मौके पर किसान संगठनों ने देशव्यापी भारत बंद का एलान किया है। किसान संगठनों ने इसमें अन्य संगठनों से भी शामिल होने की अपील की है।

विज्ञापन


हालांकि, इस बार भारत बंद का असर दिल्ली पर देखने को नहीं मिलेगा। किसान नेताओं ने साफ कहा है कि वे दिल्ली के अंदर घुसकर विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे। वह दिल्ली आने वाली सड़कों को ब्लॉक कर अपना विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। 27 सितंबर को होने वाले इस भारत बंद से दिल्ली-एनसीआर में लाखों स्टूडेंट्स को परेशानी हो सकती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम 27 सितंबर को हैं। एग्जाम दिल्ली-एनसीआर के कई सेंटरों पर होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में किसी भी एग्जाम देने वाले स्टूडेंट को नहीं रोका जाएगा।

किसान नेता हन्ना मौला ने बताया कि किसान आंदोलन के 10 माह पूरे होने के अवसर पर 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसमें कई अन्य किसान संगठन भी शामिल हो रहे हैं और इनकी संख्या करीब सौ के आसपास है। राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों, किसान संघों, युवाओं, शिक्षकों, स्टूडेंट्स, महिलाओं, मजदूर संघों से भी 27 सितंबर को आयोजित भारत बंद को सफल बनाने की अपील जारी की है।
विज्ञापन


उन्होंने आगे बताया कि भारत बंद स्वैच्छिक और शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया जाएगा। भारत बंद सुबह छह बजे से शाम चार तक के लिए बुलाया गया है। इस दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर, राहत एवं बचाव कार्य सहित सभी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट रहेगी। लेकिन किसान संगठनों द्वारा रेल, बस सेवा के अलावा बाजार, दुकानों, आफिस को भी बंद करवाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने हालांकि राजनीतिक दलों से भी समर्थन मांगा है, पर उसकी नीति राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मंच साझा नहीं करने की है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें