नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में अग्निवीरों के मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने कहा था कि सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर के परिजनों को बीमा के रूप में धनराशि दी जाती है, ना कि मुआवजे के रूप में।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दावे का खंडन करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं। सूत्रों ने इस बात पर भी जोर दिया है कि एक करोड़ रुपये के धनराशि में बीमा और अनुग्रह भुगतान भी शामिल है।
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रक्षा मंत्रालय ने किया राहुल के दावे का खंडन
रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने कहा, ‘अगर सैन्य सेवाओं के दौरान किसी अग्निवीर की मौत हो जाती है, तो उसके परिजनों को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इसमें 48 लाख रुपये बीमा राशि है, जिसके लिए अग्निवीर की तरफ से कोई भी धनराशि नहीं ली जाती। इसके अलावा अनुग्रह राशि के रूप में 44 लाख रुपये हैं। इसके साथ ही 11.70 लाख रुपये सेवा निधि पैकेज के रूप में दिए जाते हैं। साथ ही, शेष सेवा अवधि के लिए वेतन भी जाता है।’
‘अग्निवीरों को एक कड़ तक का बीमा’
बयान में आगे बताया गया है कि अग्निवीरों का 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का बीमा भी किया जाता है। सरकार ने इस बीमा के लिए विभिन्न बैंकों के साथ हस्ताक्षर किए हैं। इस बीमा के लिए भी अग्निवीरों को अपनी तरफ से किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया जाता।
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राहुल गांधी ने क्या कहा था?
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में अग्निवीरों के मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने सदन में कहा था कि सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर के परिजनों को बीमा के रूप में धनराशि दी जाती है, ना कि मुआवजे के रूप में। उन्होंने आगे कहा था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निवीरों के परिवार को दिए जाने वाले एक करोड़ रुपये के मुआवजे को लेकर झूठ बोला।