मंदिर में पूजा के दौरान फमीदा।
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दशहरे से ठीक पहले एक मुस्लिम महिला फमीदा ने शिवमोगा में अपने पति द्वारा बनावाए मंदिर में पूजा कर आयोजन की शुरुआत की। भगवती अम्मा मंदिर उनके पति इब्राहिम शरीफ ने 50 साल पहले बनाकर शिवमोगा के सामग नगर के हिंदू नागरिकों को सौंपा था। इब्राहिम एक रेलवे कर्मचारी थे।
फमीदा ने बताया कि उनके पति की दो साल पहले मौत हो चकी है, लेकिन उनके परिवार के लोग हिंदू त्योहारों में विशेष पूजा अर्चना करते हैं। उन्होंने अपने पति के मंदिर बनाने का किस्सा सुनाया कि उनके सपने में भगवती आई थीं। उन्होंने एक साधू से इस बारे में पूछा, बाद में उन्होंने मंदिर का सपना साकार किया।