फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता होने का आरोप लगाया है। एफएआईएमए ने अपने आरोपों के संदर्भ में आईएमए के मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है। इसमें एफएआईएमए ने आईएमए में हालिया चुनावी प्रक्रिया पर चिंता जताई है। साथ ही कहा है कि अनियमितताएं और संभावित भ्रष्टाचार से इसकी अखंडता को नुकसान होने की संभावना है।
आईएमए के मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे गए इस पत्र में एफएआईएमए ने आरोप लगाया कि चुनाव के लिए नामांकन के लिए सदस्यों से कथित तौर पर बड़ी रकम इकट्ठी की गई थी, बावजूद इसके संगठन के भीतर कई प्रमुख पद बिना किसी चुनाव के भरे गए थे। इस चुनावी प्रक्रिया ने अलोकतांत्रिक प्रथाओं की आशंका पैदा की है। साथ ही प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसके साथ ही पत्र में एफएआईएमए ने आईएमए के मुख्य संरक्षक के रूप में डॉ. केतन देसाई की भूमिका पर भी पुनर्विचार करने की जरूरत होने की बात कही है। कहा गया है कि उनका लगातार जुड़ाव संगठन की प्रतिष्ठा को और खराब कर सकता है।
एफएआईएमए ने पत्र में इन आरोपों की तत्काल जांच के लिए बात कही है। वहीं, आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर वी अशोकन ने कहा कि यह एक चुनावी विवाद है और आईएमए के भीतर ही एक निवारण तंत्र है जहां एक पीड़ित सदस्य शिकायत दर्ज कर सकता है। इसे आईएमए के नियम और उपनियम के मुताबिक निपटाया जाएगा।