केरल में विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के संबंध में नोटिस के साथ 110 रुपए के अपेक्षित शुल्क का समय पर भुगतान नहीं करने की वजह से एक अंतरधार्मिक जोड़े के विवाह के पंजीकरण में देरी हुई और सऊदी में नर्स का काम करने वाली दुल्हन का सऊदी अरब जाने का कार्यक्रम टल गया।
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जोड़े को केरल हाईकोर्ट से भी इस मामले में कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह का पंजीकरण या विधि सम्मत कार्रवाई तब तक नहीं होगी, जब तक कि अपेक्षित शुल्क के साथ विवाह के प्रयोजन में नोटिस नहीं दिया जाए।
दंपती की ओर से हाईकोर्ट में पेश वकील आर राजेश ने बताया कि कुछ हप्ते बाद ही दंपती को एहसास हुआ कि केरल विशेष विवाह नियम, 1958 के तहत आवश्यक शुल्क का भुगतान नहीं करने के कारण नोटिस प्रकाशित नहीं किया गया।
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चूंकि उन्होंने पंजीकरण की तारीख नौ जुलाई को राशि का भुगतान किया, इसलिए अब नोटिस प्रकाशित होने के 30 दिनों के बाद ही विवाह पंजीकरण संभव है, यानी दंपती का विवाह पंजीकरण पांच अगस्त से पहले नहीं किया जा सकता था, जबकि उसी दिन दुल्हन को सऊदी अरब जाना था।