महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक के अंडरवर्ल्ड से संबंधों की मांग को लेकर बुधवार को मुंबई भाजपा ने जोरदार आंदोलन किया और उनका पुतला फूंका। मुंबई भाजपा अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढा के नेतृत्व में हुए आंदोलन में नवाब मलिक को तत्काल मंत्री पद से हटाने की मांग की गई।
भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने नवाब मलिक के अंडरवर्ल्ड से संबंधों को उजागर किया है। मलिक ने मंत्री पद पर रहते हुए अंडरवर्ल्ड के लोगों के साथ आर्थिक व्यवहार किया जो कि राजनीतिक मर्यादाओं का उलंघन है। उन्होंने मांग की कि मलिक को मंत्री पद से तत्काल हटाया जाए और फडणवीस द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर मलिक के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो।
लोढा ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस और उनके परिवार पर लगाए गए व्यक्तिगत व निराधार आरोप को भाजपा कार्यकर्ता बर्दास्त नहीं कर सकते। मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि मलिक ने पहले नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों को धमकाया और उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणी की जो सर्वथा अनुचित थी। मलिक नित सोशल मीडिया के माध्यम से किसी न किसी पर तथ्यहीन और झूठे आरोप लगा रहे हैं जो एक मंत्री के लिए अशोभनीय है।
उभरते हुए अल्पसंख्यक नेताओं की छबि खराब कर रहे हैं मलिक- शेलार
भाजपा नेता आशीष शेलार ने नवाब मलिक पर पलटवार करते हुए कहा है कि वे मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदाय के उभरते हुए नेताओं की छवि खराब कर रहे हैं। सवाल यह है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं? मलिक ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं कि वे गलत कामों में शामिल थे तो मौजूदा महा विकास आघाड़ी सरकार ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? गृह मंत्रालय एनसीपी के पास है तो कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। शेलार ने दावा किया कि इमरान आलम शेख कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन सचिव थे। अब वह एनसीपी के साथ हैं। पार्टी अब क्या स्पष्टीकरण देगी?
उद्धव, पवार और पृथ्वीराज के साथ भी है रियाज की तस्वीरें
वहीं, पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि मलिक ने फडणवीस से जिस रियाज भाटी से संबंध होने का आरोप लगाया है उसकी तस्वीर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और राज्य के कैबिनेट मंत्री असलम शेख के साथ भी हैं। शेलार ने कहा कि दामाद के प्रति प्रेम के कारण नवाब मलिक का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। इसलिए निचले स्तर की राजनीति पर उतर आए हैं।