शिकायत दर्ज कराने वाले गुरुशरण सिंह चौहान पिछले साल उपनगरीय मुंबई में अंधेरी एमआईडीसी पुलिस थाने में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हैं। डीसीपी पठान और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ फिरौती की एफआईआर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने आदेश पर बुधवार को अंबोली पुलिस ने दर्ज की थी। अकबर पठान के खिलाफ फिरौती के मामले में यह दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर में दर्ज दो अन्य लोग इंस्पेक्टर चीमाजी आधव और बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) सुनीन माने हैं। आधव पहले क्राइम ब्रांच में काम करते थे वहीं, सुनील माने को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मनसुख हिरेन की हत्या के संबंध में गिरफ्तार किया था। यह मामला उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर एक विस्फोटक की छड़ें पाए जाने से जुड़ा हुआ है।
अपनी शिकायत में चौहान ने दावा किया है कि इन तीनों ने मुझसे एक पुलिस के खबरी के जरिए 17 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि यह राशि इन्होंने चौहान को बेईमानी और धोखाधड़ी के मामले में न फंसाने के लिए ली थी। शिकायत के अनुसार तीनों ने और पैसे की मांग की लेकिन चौहान ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने शिकायतकर्ता के खिलाफ इसका आपराधिक मामला दर्ज करवा दिया।
उल्लेखनीय है कि डीसीपी पठान के खिलाफ यह दूसरी एफआईआर है। इससे पहले जुलाई में रियल स्टेट डेवलपर श्यामसुंदर अग्रवाल ने दो बिल्डरों और छह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में डीसीपी अकबर पठान का नाम भी शामिल था। वह उस समय श्यामसुंदर अग्रवाल के अंडरवर्ल्ड के साथ कथित गिरोह से संबंधित एक मामले की जांच कर रहे थे।
अग्रवाल ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि पठान ने मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) न लगाने के एवज में 50 लाख रुपये और एक फ्लैट की मांग की थी। डीसीपी (क्राइम) के तौर पर सेवाएं दे चुके पठान इस समय स्थानीय शस्त्र विभाग में हैं। वहीं, आधव बाइकुला पुलिस स्टेशन में तैनात हैं। अग्रवाल ने इस शिकायत में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह का नाम भी लिया था।