विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत की पाकिस्तान नीति को आकार देने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में पीएम मोदी की खास पहचान है। कूटनीति के लिए उनकी सहज भावना ने उन्हें विदेशी नेताओं के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।
गौरतलब है कि विदेश मंत्री डाक्टर एस जयशंकर ने आज यानी मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस रीगल लाज के कन्वेंशन हाल में 'मोदी @20 : ड्रीम्स मीट डीलिवरी' किताब पर हो रहे विशेष चर्चा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वे यहां मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर लिखीा गई किताब 'मोदी @20 : ड्रीम्स मीट डीलिवरी' पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी के कार्यकाल की तारीफ की। उन्होंने पीएम मोदी से जुड़े कुछ दृष्टांतों को भी साझा किया।
यहां विदेश मंत्री ने कहा कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में फिर से आकर बहुत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं। यह उनकी मातृ संस्था है। यहां उन्होंने किताब में लिखे गए अपने चैप्टर, गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजित डोभाल के बारे में बात की।
पीए मोदी पर लिखी गई किताब के बारे में बोलते हुए, जयशंकर ने कहा कि पुस्तक का एक बड़ा हिस्सा सरकार से बाहर के लोगों द्वारा लिखा गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने देश के लोंगो की भावनाओं और आकांक्षाओं को समझा है।
इस दौरान कुलपति योगेश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि भारत भाग्यशाली है कि उसके पास एक ऐसा नेता है जो देश के प्रति बहुत अधिक प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि पीएम मोदी पर लिखी गई ये किताब रूपा पब्लिकेशन इंडिया द्वारा प्रकाशित है। मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' में सुधा मूर्ति, सद्गुरु, नंदन नीलेकणी और अमीश त्रिपाठी सहित अन्य लोगों ने अपना योगदान दिया है।
इंडोनेशिया जाएंगे विदेश मंत्री
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय यात्रा पर इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनकी इंडोनेशिया यात्रा बृहस्पतिवार को होगी। इंडोनेशिया में वे वे जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में हिस्सा लेने वाले विदेश मंत्री समसामयिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे जिसमें खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा सहित वर्तमान वैश्विक चुनौतियां एवं बहुस्तरीय व्यवस्था को मजबूत बनाना शामिल है। इसके अलावा वे विदेश मंत्री जयशंकर जी20 समूह के सदस्य देशों एवं बैठक में आमंत्रित अन्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं।