कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) देश के कर्मचारियों को कई जरूरी सुविधाएं देना का कार्य करता है। चाहे नौकरी सरकारी हो या प्राइवेट, हर वर्ग के लिए स्वास्थ्य योजनाएं कारगर साबित होती हैं। लेकिन क्या आपको यहा पता हैं कि ईएसआईसी खाताधारक होने के छह खास फायदे देती है।
ईएसआई एक्ट 1948 के तहत ये सुविधा रजिस्टर्ड कर्मचारी को ही दी जाती है। इसमें बीमारी, मातृत्व, अस्थायी या स्थायी अपंगता, व्यावसायिक बीमारी या चोट के कारण हुई मृत्यु, जिसके परिणामस्वरूप आय का नुकसान हुआ आदि घटनाओं को कवर किया जाता है। यदि आप भी इसकी पात्रता के दायरे में आते हैं तो जानिए इसके क्या-क्या लाभ हैं-
1. चिकित्सा का लाभ: ईएसआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीमित कर्मचारी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को उस दिन से पूरी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है जिस दिन से उसकी इंश्योयर्ड नौकरी शुरू हो जाती है।
बीमित व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य के इलाज पर खर्च की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। मेडिकल सुविधाएं 120 रुपए के टोकन सालाना प्रीमियम के भुगतान पर सेवानिवृत्त और स्थायी रूप से अक्षम बीमित व्यक्तियों और उनके जीवन साथी के लिए समान रूप से प्रदान की जाती हैं।
2. बीमारी की दशा में लाभ: जब कोई कर्मचारी बीमार होता है तो उसको सर्वाधिक मदद की जरूरत होती है। ईएसआईसी के नियमों के अनुसार, एक साल में अधिकतम 91 दिनों के लिए प्रमाणित बीमारी की अवधि के दौरान बीमित कर्मचारी को 70 प्रतिशत की दर से नकद मुआवजे के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।
बीमारी के इलाज खर्च की सुविधा की पात्रता प्राप्त करने के लिए बीमित कर्मचारी को 6 महीने की अवधि में 78 दिनों के लिए अपना अंशदान, योगदान करना आवश्यक है। यदि बीमारी का स्वरूप और प्रकार अधिक बड़ा व गंभीर है तो उसके लिए भी कुछ निश्चित प्रावधान तय किए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट जानकारी प्राप्त करें।
3. मातृत्व की अवस्था में लाभ: गर्भावस्था के लिए मातृत्व लाभ 26 सप्ताह के लिए देय है। इसे किसी मेडिकल सलाह पर एक महीने की अवधि के लिए और बढ़ाया जा सकता है और इस दौरान पूरा वेतन भी दिया जाएगा। लेकिन इसके लिए योगदान की दो अवधि या 70 दिनों का अंशदान देखा जाता है।
4. शारीरिक अशक्तता या विकलांगता की दशा में: ईएसआईसी के नियमों के तहत अस्थायी अशक्तता या अपंगता के लिए पहले से ही लाभ कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। इसके अनुसार, कर्मचारी के बीमित रोजगार में प्रवेश करने की दिनांक से जब तक अशक्तता बनी है, तब तक 90 प्रतिशत की दर से उसे वेतन का भुगतान किया जाता है।
स्थायी अपंगता की दशा में लाभ का भुगतान मासिक भुगतान के रूप में 90 प्रतिशत की दर से किया जाता है, जो कि कर्मचारी की कमाई की क्षमता के नुकसान की सीमा के आधार पर होता है।
5. आश्रितों के लिए ये लाभ: कर्मचारी द्वारा नामित किए गए आश्रितों के लिए यह लाभ मिलता है। इन मामलों में मृतक बीमित व्यक्ति के आश्रितों को मासिक भुगतान के रूप में वेतन के 90 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जाता है। लेकिन इसमें यह देखा जाता है कि क्या कर्मचारी की मौत ऑन ड्यूटी रहते हुए आई किसी चोट के चलते हुई या कार्यालयीन खतरों के कारण मौत हुई।
6. अन्य लाभ: ईएसआईसी कर्मचारी के आश्रितों को या अंतिम संस्कार करने वाले व्यक्ति को 15,000 रुपये की राशि भी अंतिम संस्कार के लिए भी प्रदान करता की जाती है। बीमाधारक महिलाओं या पुरुष कर्मचारी को उनकी पत्नी के लिए इलाज, स्वास्थ परीक्षण की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।