केंद्र सरकार ने अपने उन कर्मियों को राहत प्रदान की है, जो सर्विस के दौरान विकलांगता की श्रेणी में आ जाते हैं। इसके चलते अनेक कर्मियों ने केंद्र सरकार को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कई जगह पर इन कर्मियों के साथ सेवा के दौरान मिलने वाले फायदों को लेकर भेदभाव बरता गया है। केंद्र सरकार ने अब ऐसे सभी कर्मियों को भरोसा दिलाया है कि उनके साथ किसी भी मामले में भेदभाव नहीं होगा।
सेवा में रहते हुए जो फायदे दूसरे कर्मियों को मिलते हैं, वे सभी लाभ विकलांग कर्मियों को भी मिलेंगे। इनमें पदोन्नति, वेतन वृद्धि और रैंक में कमी जैसे फैसलों को लेकर डीओपीटी ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों को आदेश जारी किया है।
यदि कोई विकलांग कर्मी सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन देता है तो उसे बताया जाए कि वह समान पे स्केल और दूसरे सेवा लाभों के साथ अपनी सर्विस को नियमित कर सकता है। उसे मुश्किल तैनाती नहीं मिलेगी, उसकी स्थिति के मुताबिक ही काम लिया जाएगा। अगर इसके बावजूद कोई विकलांग कर्मी सेवा में रहने के लिए तैयार नहीं होता है तो उसकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति वाली फाइल आगे बढ़ा दी जाए।
विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सेवा के दौरान विकलांग हुए कर्मियों ने कई दिक्कतों के चलते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया था। जब ऐसे मामलों की जांच की गई तो सामने आया कि इन कर्मियों को अपनी मौजूदा स्थिति के अनुसार काम का बेहतर माहौल नहीं मिल रहा था। इसके चलते डीओपीटी ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे ऐसे मामलों में संजीदगी से काम लें। कोई भी सरकारी संगठन ऐसे कर्मियों के साथ किसी भी मामले में भेदभाव नहीं कर सकता।
प्रत्येक सरकारी विभाग का ये दायित्व है कि वह ऐसे कर्मी को रहने की उचित जगह मुहैया कराए। उसे ऐसा कार्य सौंपा जाए, जिसमें बाधाएं कम से कम हों। उसकी विकलांगता के आधार पर उसे पदोन्नति के लिए मना नहीं किया जाएगा। कोई भी सरकारी संस्था विकलांग कर्मी के रैंक को कम नहीं कर सकती। यदि विभाग यह महसूस करता है कि विकलांग कर्मी अपनी मूल पोस्टिंग पर सही से काम नहीं कर पा रहा है, तो उसे किसी दूसरी सीट पर भेज दिया जाए।
इस दौरान यह ध्यान रखना होगा कि उसे एक समान वेतन और सेवा के दौरान मिलने वाले दूसरे फायदों में कमी न आने पाए। अगर उस कर्मी के लिए विभाग में कोई ऐसी पोस्ट ही नहीं है, जहां पर वह काम कर सके तो उसे दूसरे पद पर लगा दिया जाए। जब उसके काम का पद खाली हो जाए तो उसे वहां तैनात कर दिया जाए।