मणिपुर में विधानसभा चुनाव की तारीखों में बदलाव कर दिया गया है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने गुरुवार को आदेश जारी किया। जानकारी के मुताबिक, मणिपुर में पहले चरण के लिए अब 28 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इससे पहले यहां पहले चरण का मतदान 27 फरवरी को होना था। इसके अलावा मणिपुर में दूसरे चरण के मतदान की तारीख को तीन मार्च से बदलकर पांच मार्च कर दिया है।
दरअसल, मणिपुर की 60 सीटों पर दो चरणों में मतदान होने हैं। इसके नतीजे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा के विधानसभा चुनाव के परिणामों के साथ 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे। पिछली बार मणिपुर में चार मार्च और आठ मार्च को चुनाव हुए थे।
इस संदर्भ में आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि आयोग ने हाल ही में चुनावी राज्य का दौरा किया था, वहां के हालत और कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद आयोग ने, वहां के हालात, प्रबंधन और परिवहन व्यवस्थाओं और राज्य की जमीनी हकीकत को आकलित करने के बाद आयोग ने तारीखों को बदलने का फैसला किया है।
राज्य में पहले चरण के लिए नोटिफिकेशन एक फरवरी को जारी हुआ था और आठ फरवरी तक आवेदन करने और 11 फरवरी तक नाम वापस लिए जा सकते थे। वहीं दूसरे चरण के लिए 4 फरवरी को अधिसूचना जारी की गई थी, 11 फरवरी तक नामांकन और 16 फरवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। राज्य में चुनावी प्रक्त्रिस्या पूर्ववत रहेंगी, केवल चुनाव तिथियों में बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार यहां के अतिवादी संगठनों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है, इसके लिए सरकार ने कई संगठनों के साथ व्यापक विचार विमर्श भी किया।
मुख्यमंत्री पद के चेहरे
- एन बीरेन सिंह: बीरेन सिंह राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। पांच साल सरकार चलाने वाले बीरेन सिंह फिर से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं।
- थोंगम बिस्वजीत सिंह: आरएसएस के करीबी बिस्वजीत सिंह का 2017 में भाजपा सरकार के गठन में अहम रोल रहा है। भाजपा अगर मणिपुर में असम मॉडल लागू करती है तो चुनाव जीत के बाद बिस्वजीत नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
- इकराम इबोबी सिंह: 15 साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे इकरार इबोबी सिंह इस बरा भी कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं। बढ़ती उम्र 73 साल के इबोबी सिंह की दावेदारी कमजोर कर सकती है।