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EC: दिव्यांगों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग न करें राजनीतिक दल, चुनाव आयोग ने जारी की एडवायजरी

Thu, 21 Dec 2023 01:04 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि दिव्यांगजनों के अपमान से जुड़ी भाषा, शब्दावली, संदर्भ, उपहास या किसी भी अपमानजनक संदर्भ का इस्तेमाल करने पर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 92 के प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाएगी। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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 निर्वाचन आयोग (ईसी) ने राजनीतिक दलों से भाषणों में दिव्यांगजनों के बारे में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी है। आयोग ने एडवाइजरी जारी कर राजनीतिक दलों ओर उनके उम्मीदवारों से गूंगा, मंदबुद्धि अंधा-काना, बहरा, लंगड़ा, लूला और अपाहिज जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने को कहा हैं।
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बुधवार को पार्टियों के लिए जारी एक एडवाइजरी में, आयोग ने कहा कि लोकतंत्र की नींव चुनावी प्रक्रिया में सभी समुदायों के प्रतिनिधित्व में निहित है। आयोग को दिव्यांगों के बारे में राजनीतिक चर्चा के दौरान अपमानजनक या आक्रामक भाषा के उपयोग के बारे में अवगत कराया गया है। राजनीतिक दलों के सदस्यों और उम्मीदवारों की ओर से भाषणों और सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल दिव्यांगों के लिए अपमान के तौर पर लिया जा सकता है। आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों को दिव्यांगजनों के अपमान से जुड़ी भाषा से बचने के लिए अपनी प्रचार सामग्री की आंतरिक समीक्षा करनी होगी।

एडवाइजरी के मुुताबिक, अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से बचना जरूरी है। राजनीतिक विमर्श में दिव्यांगों को न्याय और सम्मान देना होगा। राजनीतिक दलों को अपने लेखन या राजनीतिक अभियान में किसी भी सार्वजनिक भाषण के दौरान मानवीय अक्षमता के संदर्भ में दिव्यांगता से संबंधित शब्दों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
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एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि दिव्यांगजनों के अपमान से जुड़ी भाषा, शब्दावली, संदर्भ, उपहास या किसी भी अपमानजनक संदर्भ का इस्तेमाल करने पर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 92 के प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार विभिन्न मंचों पर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि दिव्यांगजन वास्तव में हमसे अधिक सक्षम हैं। उनके पास हमसे भी बेहतर क्षमताएं हैं, इसलिए उन्हें सिर्फ सहानुभूति ही नहीं, हर स्तर पर समानता और पहुंच की जरूरत है।

दलों को अपनी वेबसाइट पर करनी होगी घोषणा
चुनाव आयोग की एडवाइजरी के मुताबिक, सभी राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट पर घोषित करना होगा कि वे दिव्यांगता, लिंग संवेदनशील भाषा और शिष्टाचार का उपयोग करेंगे। साथ ही अंतर्निहित मानवीय समानता, गरिमा और स्वायत्तता का सम्मान करेंगे।

शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति
आयोग ने दलों को सलाह दी है कि राजनीतिक प्रक्रिया के सभी स्तरों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को दिव्यांगता के प्रति संवेदनशीलता से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही भाषा के उपयोग से संबंधित दिव्यांगों की शिकायतों को सुनने के लिए नोडल प्राधिकारी की नियुक्त की जाए।
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