करीब डेढ़ साल से खाली 12 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को आखिर स्थायी कुलपति मिल गए। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को 12 नामों को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सरकार के प्रस्ताव को दी मंजूरी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इन सभी कुलपति के नामों की सूची भी संबंधित विश्वविद्यालयों को जारी कर दी है। सभी तत्काल प्रभाव से कुलपति पद ग्रहण करेंगे। हालांकि अभी भी 10 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपति नहीं हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 विश्वविद्यालयों के कुलपति पद के लिए सर्च सेलेक्शन कमेटी द्वारा चयनित सूची में से इन नामों को मंजूरी दी है।
इनमें हरियाणा केंद्रीय यूनिवर्सिटी में प्रो. टी कुमार, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रो. सतप्रकाश बंसल, जम्मू विश्वविद्यालय में डॉ. संजीव जैन, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रो. के भूषण दास, कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रो. बी सत्यनारायण, तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रो. एम कृष्णन और हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में डॉ. बीजे राव को नियुक्ति दी गई है।
इसी तरह साउथ बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रो. के नाथ सिंह, नॉर्थ-ईस्टर्न हिल विश्वविद्यालय में प्रो. प्रभाशंकर शुक्ला, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में डॉ. अलोक कुमार, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय में प्रो. सैय्यद ए हसन, मनीपुर विश्वविद्यालय में प्रो. एनएल सिंह को मंजूरी मिली है।
जेएनयू और डीयू को नहीं मिला कुलपति
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय में कुलपति पद खाली है। दोनों विश्वविद्यालयों में कार्यकारी कुलपति काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगले चरण में इन दोनों विश्वविद्यालयों को भी स्थायी कुलपति मिल जाएंगे।