झारखंड के मुख्यमंत्री प्रवर्तन निदेशालय के निशाने पर हैं। ईडी ने एक बार फिर सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ समन जारी किया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने उन्हें तलब किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम को समन जारी कर 27 से 31 जनवरी के बीच फिर से अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा है। इस बार फिर से पिछली बार की तरह ईडी की एक टीम उनके आवास पर जाएगी। बता दें, इससे पहले ईडी ने सोरेन से पूछताछ की थी, जो सात घंटे से अधिक चली थी।
अब जानें क्या है मामला
सोरेन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। दरअसल, झारखंड में भू-माफियाओं ने अवैध तरीके से जमीन के मालिकाना हक में बदलाव किया और पूरी-पूरी जमीन हड़प ली है। ईडी मामले की जांच कर रही है। मामले में अभी तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं, जो राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त का पद संभाल चुके हैं।
पिछले सप्ताह हुई थी पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले सप्ताह शनिवार को जमीन घोटाले मामले में मुख्यमंत्री से पूछताछ की थी। मुख्यमंत्री से पूछताछ करने ईडी दोपहर करीब एक बजे सोरेन के आवास पहुंची। यहां 7.5 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। ईडी अधिकारियों ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी कैमरों के साथ मौजूद रहे।
पूछताछ के दौरान सीएम आवस में घुसने की कोशिश कर रही थी सीआरपीएफ
बता दें, ईडी से पूछताछ के दौरान 500 सीआरपीएफ जवान सीएम आवास में घुसने की कोशिश करने लगे। सीआरपीएफ की इसी कार्रवाई पर सत्तारूढ़ दल ने इसकी आलोचना की। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सीआरपीएफ जवानों की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा यह अवैध था। झामुमो महासचिव सुप्रिया भट्टाटचार्य और विनोद कुमार पांडे ने एक बयान जारी कर कहा कि पूछताछ के दौरान 2000 सुरक्षाकर्मी तैनात थे। सीएम आवास के आसपास सीआरपीसी की धारा-144 लागू किया गया था। तभी बसों में लगभग 500 सीआरपीएफ बिना अनुमति सीएम आवास में घुसने की कोशिश करने लगे। यह अवैध और उत्तेजक है। यह एक साजिश है।