ईडी ने बताया कि एक्टिफ कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जयभारत टेक्सटाइल्स एंड रियल एस्टेट लिमिटेड और एस्के निट (इंडिया) लिमिटेड सहित तायल ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के मामले की जांच के सिलसिले में महाराष्ट्र के नागपुर में 483 करोड़ रुपये की लागत से बने एक शॉपिंग मॉल को अपने कब्जे में ले लिया है। ईडी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जांच एजेंसी के बयान के मुताबिक, धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत न्यायिक प्राधिकरण द्वारा संपत्ति को कुर्क करने के अस्थायी आदेश को मंजूरी देने के बाद एजेंसी ने एम्प्रेस मॉल का भौतिक कब्जा लिया।
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मॉल का निर्माण 2,70,374 वर्ग फुट भूमि पर किया गया है, जिसकी कीमत 483 करोड़ रुपये है। यह केएसएल एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम पर है। ईडी ने बताया कि एक्टिफ कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जयभारत टेक्सटाइल्स एंड रियल एस्टेट लिमिटेड और एस्के निट (इंडिया) लिमिटेड सहित तायल ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। इन पर कथित धोखाधड़ी और धोखाधड़ी से 524 करोड़ रुपये की राशि का कर्ज 2008 में बैंक ऑफ इंडिया और आंध्रा बैंक, मुंबई से लेने पर कार्रवाई की गई। एजेंसी ने मामले में एक चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।